वीडियोकॉल करते दुमका के रहने वाले सिपाही ने खुद को मारी गोली
दुमका का रहने वाला है सिपाही प्रदीप जॉय हेम्ब्रम, मायागंज अस्पताल में भर्ती
पुलिस लाइन के नए बैरक में रविवार शाम साढ़े तीन बजे जिला बल के सिपाही प्रदीप जॉय हेम्ब्रम ने अपने सरकारी इंसास से खुद को गोली मार ली। गोली सिपाही के सीने में बांयी अोर लगी, जो बाहर निकल गई। जख्मी को इलाज के लिए मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। प्रदीप दुमका जिले के खांसीपुर गांव का रहने वाला है अौर 2012 में पिता सुनी राम हेम्ब्रम के निधन के बाद अनुकंपा के अाधार पर बिहार पुलिस में बहाल हुअा है। घटना की जानकारी पाकर एसएसपी अाशीष भारती, सिटी एसपी सुशांत कुमार सरोज, सिटी डीएसपी राजवंश सिंह अस्पताल पहुंच सिपाही का हालचाल लिया।
एसएसपी ने बताया कि पारिवारिक कारणों से िसपाही ने खुद को गोली मारी है। क्या परिस्थितियां थीं, इसकी जांच की जा रही है। घटनास्थल की जांच के लिए एफएसएल टीम को बुलाया गया है। उधर, सूत्रों का कहना है कि सिपाही प्रदीप किसी को वीडियो कॉल कर रहा था, इसी दौरान उसने खुद को गोली मारी। घटना के पीछे प्रेम-प्रसंग बताया जा रहा है। घटना के बारे में सिपाही के परिजनों को सूचना दे दी गई।
पारिवारिक कारण से मारी है खुद काे गाेली
पारिवारिक कारण से सिपाही ने खुद को गाेली मारी है। उसका इलाज चल रहा है। उसके स्वस्थ होने के बाद जांच की जाएगी कि किन परिस्थितियों में उसने गोली मारी।”
- अाशीष भारती, एसएसपी
कहना है कि सिपाही प्रदीप किसी को वीडियो कॉल कर रहा था, इसी दौरान उसने खुद को गोली मारी। घटना के पीछे प्रेम-प्रसंग बताया जा रहा है। घटना के बारे में सिपाही के परिजनों को सूचना दे दी गई।
बैरक में अकेला था सिपाही, कुर्सी पर बैठ कर मारी गोली
सूत्रों ने बताया कि घटना के समय सिपाही प्रदीप बैरक में अकेले था अौर कुर्सी पर बैठ कर मोबाइल पर किसी से वीडियो कॉल कर रहा था। मोबाइल पर पावर बैंक भी लगा था। बात करने के दौरान ही कुछ विवाद हुअा अौर सिपाही ने अपने सरकारी इंसास से वीडियो कॉल करते हुए सीने में गोली मार ली। इसके बाद वह कुर्सी से नीचे गिर गया। गोली चलने के अावाज सुन कर पुलिस मेंस एसोसिएशन के अध्यक्ष सोमेश, धनंजय बैरक पहुंचे। सिपाही खून से लथपथ कमरे के दरवाजे पर गिरा हुअा था अौर हथियार चौकी के नीचे पड़ा था, जिससे मैगजिन भी निकलकर बिखर गई थी। धनंजय अौर सोमेश उसे अस्पताल ले गए।
दो साल तक बिना सूचना के गायब रहा था सिपाही
उक्त सिपाही दो साल तक िबना सूचना के गायब रहा था। इस कारण उसपर प्रोसिडिंग भी चली थी। वह नौकरी नहीं करना चाहता था। इसके पीछे भी पारिवारिक समस्या थी। बाद में एसएसपी स्तर से उसे सूचना भेजी गई तो वह अाया। प्रोसिडिंग खत्म हुई तो ड्यूटी ज्वाइन की। दिसंबर 2019 को बेगूसराय से ट्रेनिंग पूरी की थी। इसके बाद दो माह तक बोधगया में सीअाईएटी की ट्रेनिंग की थी। फिलहाल उक्त सिपाही जिला के सीअाईएटी में तैनात था। बैरक में गोली चलने के बाद बड़ी संख्या में सिपाही मौके पर जुट गए।