पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

बैठक में एनपीआर का विरोध करने का लिया गया निर्णय

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

नारायणपुर प्रखंड के चंदाडीह लखनपुर में सामाजिक जागरूकता के तहत मौलाना इमरान मजाहिरी की अध्यक्षता में एक सभा की गई। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में संविधान बचाओ आंदोलन के संयोजक रहमतुल्लाह रहमत उपस्थित थे। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे पिछड़ेपन का मुख्य कारण अशिक्षा एवं अज्ञानता है। देश और दुनिया में होने वाली घटनाओं से हमारा समाज अनजान एवं अछूता है। समाज के कम पढ़े लिखे लोग न सरकार की पॉलिसियों को समझ पाते हैं और ना उनकी विभाजनकारी नीतियों से अवगत हो पाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अप्रैल माह से देश के अंदर एनपीआर 2020 की प्रक्रिया शुरू करने जा रही है जो एनआरसी की पहली कड़ी है। 2010 के एनपीआर में माता-पिता के जन्म स्थान एवं जन्म तिथि से संबंधित कोई जानकारी नहीं ली गई थी। लेकिन 2020 के एनपीआर फॉर्मेट में माता पिता के जन्म स्थान एवं जन्म तिथि से संबंधित जानकारियां मांगी जा रही हैं, जिसका इस्तेमाल एनआरसी के लिए किया जाएगा। जब पूरे देश में इस पर आंदोलन चला और हो-हंगामा हुआ तो फिर आम जनता को बेवकूफ बनाने के लिए सरकार कह रही है कि लोग अपने स्तर से जो कुछ भी जानकारियां देंगे, उसे उसी तरह लिख लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एनआरसी से सिर्फ मुसलमानों को ही नहीं बल्कि एससी, एसटी, ओबीसी, दलित ,पिछड़ा, घुमंतू, बंजारा, पहाड़िया जनजाति एवं भूमिहीन भारत वासियों के ऊपर भी परेशानी आने वाली है। जिनके पास शायद ही किसी किस्म के कागजात होते हैं। सभा को मौलाना इमरान मजहिरी, मौलाना कलीम, हाफिज सद्दाम, मौलाना सुलेमान आदि ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर अब्दुल वहाब, यूनुस, सलीम, मोहम्मद हबीब, इलियास, नासिर, नसीम,नाजिर, शाकिर एवं अन्य उपस्थित थे।

खबरें और भी हैं...