दिव्यांग महिला को योजना का नहीं मिल सका लाभ
नाला विधान सभा क्षेत्र के खमारबाद पंचायत अन्तर्गत घाघर गांव के लगभग 60 वर्षीय आदिवासी दिव्यांग महिला सातो हेम्ब्रम को अब तक न ही आवास मिला है ओर ना ही किसी प्रकार की सरकारी सुविधा मिली है। दिव्यांग महिला, पुरुष को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक तरफ जहां तरह-तरह की सुविधा मुहैया कराई जा रही है, वहीं सातो हेम्ब्रम जैसे दिव्यांग की सुधि लेने वाला कोई भी नहीं है। दोनों पैर से दिव्यांग होने के बाद भी घर से लेकर गांव की गली में बड़ा ही कष्ट के साथ आवाजाही करती हैं।
उन्होंने अपनी समस्या का निदान एक अदद व्हिल चेयर एवं अंबेडकर आवास योजना के लिए गांव के लोगों के अलावा यहां पहुंचने वाले कर्मचारी जनप्रतिनिधि से लगातार गुहार लगाई है। बावजूद इसके उनके प्रति किसी का ध्यान आकृष्ट नहीं हुआ है। पंचायत स्तर में पंचायत सचिव ही सर्वेसर्वा होतें है, लेकिन इस दिशा में सचिव द्वारा कोई भी ठोस पहल नहीं किया गया है। जिससे वह काफी दुखी हैं। क्षेत्र के विभिन्न स्थानों में सरकार आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन कर ग्रामीण की समस्या को सहानुभूतिपूर्वक सुनते हुए इसका त्वरित कार्रवाई व निदान के लिए संबंधित अधिकारी व कर्मचारी को निर्देश दिया जाता है। लेकिन जमीनी स्तर में सातो जैसी असहाय महिला जो स्वयं चलकर कार्यक्रम स्थल तक नहीं पहुंच सकती है। ऐसे में निर्देश तथा कार्यक्रम भी उनके लिए बेअसर साबित हो रहा है। दिव्यांग महिला सातो हेम्ब्रम गरीबी का दंश झेलते हुए वह न तो अपने स्तर से वैकल्पिक व्हीलचेयर खरीद सकती हैं और ना ही अब तक उन्हें इस तरह का किसी भी दिशा से मुहैया कराया गया है। जनप्रतिनिधि से लेकर प्रशासन के प्रति भी तीव्र नाखुशी है।
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार उन्होंने कई बार पंचायत व फतेहपुर प्रखंड कार्यालय में आवेदन निवेदन भी किया है । लेकिन आवेदन हमेशा बेअसर साबित हुआ है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि पंचायत स्तरीय कर्मचारी अगर सही तरीके से क्षेत्र भ्रमण करते तो सातो हेम्ब्रम जैसे दिव्यांग लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।