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बाबा मंदिर में मैं कैसे करूं पूजा जवाब दे धर्मरक्षिणि सभा: सांसद

एक वर्ष पहले
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निकास द्वार से सांसद पप्पू यादव के प्रवेश पर उठाया सवाल

गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने बाबा मंदिर में पूजा करने के लिए सभी वर्ग के लोगों के लिए एकरूपता लाने की बात कही। उन्होंने कहा कि बाबा नगरी में बहुत से लोग नियमित रूप से बाबा बैद्यनाथ की पूजा करने वाले हैं ऐसे लोगों के लिए जिला प्रशासन एवं पंडा धर्मरक्षिणी सभा के द्वारा विशेष पास एवं विशेष समय की मांग उन्होंने की है। शनिवार को वे बाबा मंदिर पूजा करने पहुंचे उन्होंने अपने तीर्थ पुरोहित से संकल्प कराया लेकिन वे बाबा मंदिर के गर्भ गृह में नहीं गए। इस बाबत उन्होंने कहा कि शिवरात्रि के दिन निकास द्वार से प्रवेश करने को लेकर धर्मरक्षिणी सभा के पदाधिकारी के द्वारा उनका विरोध किया गया था। उन्होंने संकल्प लिया है कि जब तक सभा एवं प्रशासन के द्वारा उनके लिए पूजा की व्यवस्था नहीं बताई जाएगी वह अंदर नहीं जाएंगे। शनिवार को बिहार के पूर्व सांसद पप्पू यादव के द्वारा निकास द्वार से प्रवेश करने पर उन्होंने कहा कि शनिवार को उनके सामने पप्पू यादव अपने पूरे लाव लश्कर के साथ निकास द्वार से प्रवेश किए। उन्हें रोकने के लिए वहां पर न ही धर्मरक्षिणी सभा के कोई पदाधिकारी थे न ही प्रशासन के पदाधिकारी। लेकिन शिवरात्रि के दिन उनके साथ निकास द्वार से प्रवेश करने भारी विरोध जताया गया था। सांसद श्री दुबे ने कहा कि उन्होंने धर्मरक्षिणी सभा के अध्यक्ष एवं प्रशासन से सवाल किया है कि वे किस प्रकार पूजा करें, इसका जवाब उन्हें दें। एक माह के अंदर अगर उन्हें जवाब नहीं मिलता है तो एक माह के बाद वे मंदिर ट्रस्ट से अपना इस्तीफा देकर आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे और मंदिर में सभी वर्गों के लिए एक नियम के लिए लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने धर्मरक्षिणी सभा एवं प्रशासन को एक माह का समय दिया है और कहा कि जब तक इसका निर्णय नहीं हो जाता तब तक वे गर्भ गृह के अंदर नहीं जाएंगे। शिवरात्रि के दिन सांसद निशिकांत दुबे अपने समर्थकों के साथ निकास द्वार से प्रवेश किए थे। पूजा करने के बाद निकलने के क्रम में धर्मरक्षिणी सभा के महामंत्री कार्तिक नाथ ठाकुर से उनकी कहासुनी हुई थी। विरोध में वे धरने पर भी बैठे थे। काफी मान मनौव्वल के बाद मामला शांत कराया गया था। शिवरात्रि के बाद शनिवार को पहली बार सांसद इस विषय पर बोले।

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