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विभाग की लापरवाही से लाखों की लाह की फसल हुई बर्बाद

लाह की फसल की बर्बादी दिखाता किसान। विभाग के दबाव के कारण ही झिनाकी के किसान समूह ने किया था लाह का उत्पादन ...

Dainik Bhaskar

Nov 11, 2018, 02:30 AM IST
Fatehpur - lakhs of lacquer waste due to negligence of the department
लाह की फसल की बर्बादी दिखाता किसान।

विभाग के दबाव के कारण ही झिनाकी के किसान समूह ने किया था लाह का उत्पादन

उत्तम झा|फतेहपुर

प्रखंड क्षेत्र के झिनाकी गांव के किसानों को गज वर्ष वन विभाग द्वारा लाह की खेती कराया गया था मगर वन विभाग के पदाधिकारी की उदासीनता के कारण किसान परेशान है। लाभुक किसानों को आत्मनिर्भर होने सेे वंचित होना पड़ रहा है। वन विभाग के पदाधिकारी के आदेश पर झिनाकी गांव में लाह की खेती के लिए 10 समूह बनाए गए थे। प्रत्येक समूह में 10-10 किसान ( लाभुक)थे। जिनके द्वारा लाह की खेती किया गया था। इस बात की जानकारी किसान आमीन मरांडी, लखीराम टुडू, बहादी सोरेन, राशमुनी टुडू, हरेराम टुडू, धन सोरेन, बाबूजन सोरेन, शिवधान हांसदा , सुधीर मरांडी, रोबिन बास्की आदि ने देते हुए बताया कि बीते वर्ष वन विभाग के पदाधिकारियों द्वारा उन्हें लाह की खेती करने के लिए प्रेरित किया अौर प्रशिक्षण भी दिया गया। इसके साथ विभाग के पदाधिकारी द्वारा दो पिकअप वैन लाह की कीड़ा किसानों को दिया गया। वन विभाग के पदाधिकारी द्वारा खेती करने की पद्धति तथा कीड़ा, एक्सरे मशीन, बाल्टी कैंची, आरी, बगदा आदि सब सामान भी दिए था। लेकिन जब लाह बन कर तैयार हो गया तो पदाधिकारी का कोई अता पता नहीं। आमीन मरांडी ने बताया कि विभाग के पदाधिकारियों से संपर्क किए तो विभाग के पदाधिकारी ने उसकी एक नहीं सुनी। उन्होंने यह भी बताया की 120 लाभुकों द्वारा 1200 पलाश वृक्षों की पहचान कर उसमें नंबररिंग करवाया गया। इसके साथ ही उन सभी वृक्षों में लाह का कीड़ा छोड़ा गया। खेती कार्य में 6 महीना लगा। इन 6 महीने में लाह बनकर तैयार हो गए। जिसे सभी किसान तोड़कर एक जगह इकट्ठा किए। लगभग 4 से 5 पिकअप लाह बनकर तैयार हुआ। लेकिन वन विभाग के पदाधिकारी द्वारा न ही उक्त काम की मजदूरी दी और न ही लाह को लेने के लिए पहुंचे। इतना ही नहीं जब लाह की खेती की शुरुआत की गई थी ग्रुप बनाए गए थे। तब वन विभाग के पदाधिकारी द्वारा किसानों का आधार कार्ड, बैंक अकाउंट आदि लिया गया था। बताया गया था की लोगों का लेबर पेमेंट का भुगतान तथा लाह की कीमत बैंक के मार्फत से होगी।

लाह की फसल बर्बाद होने से नाराज किसान नारेबाजी करते हुए।

पेड़ पर लाह में कीड़े लगने से नहीं हो रही पैदावार।

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