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39 साल बाद आधा मई व जून माह में रखे जाएंगे रोजे

रोजेदारों का माहे रमजान इस बार मुस्लिम समाज के लोगों के सब्र की परीक्षा लेगा। 39 वर्ष बाद संयोग बना है जब रमजान के...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 01, 2018, 03:10 AM IST

39 साल बाद आधा मई व जून माह में रखे जाएंगे रोजे
रोजेदारों का माहे रमजान इस बार मुस्लिम समाज के लोगों के सब्र की परीक्षा लेगा। 39 वर्ष बाद संयोग बना है जब रमजान के रोजे आधा मई अाैर आधा जून माह में होगा। इस दौरान गर्मी शबाब पर होगी। रमजान उल मुबारक के चांद के हिसाब से 16 व 17 मई रोजे रखे जाएंगे। ऐसे में इस बार तपती धूप और गर्मी के बीच भूखे और प्यासे रहकर रोजेदारों द्वारा अपने रब के लिए सब्र की परीक्षा देनी होगी। जामताड़ा सुभाष चौक जामा मस्जिद के इमाम मौलाना नजीरुद्दीन अंसारी ने कहा कि एक ईमान वाला इस्लाम धर्म के रुवन हज, जकात, नमाज ये सभी अपने आखिरत के लिए करता है। लेकिन रमजान के रोजे को वह केवल और केवल अल्लाह के लिए रखता है। बंदा अपने रब के हुक्म को पूरा करने के लिए दिन भर भूखा प्यासा रहता है। इसलिए अल्लाह भी इस गर्मी में रोजेदारों को बेहतर अज्र और सवाब देगा।

15 घंटे रहना होगा भूखे प्यासे, चरम पर होगी गर्मी, 16 -17 मई से रखे जाएंगे रोजे

शाबान के 29 तारीख को दिखेगा रमजान का चांद

शाबान माह के 29वें तारीख को रमजानुल मुबारक का चांद दिखाई देगा। अगर शाबान के 29वें दिन चांद दिखाई देगा तो 16 मई वरना 17 मई से रमजान के रोजे रखे जाएंगे। रमजान के रोजे के मुताबिक 29 की चांद हुई तो 15 जून बरोज जुम्मा व 30 वीं की चांद के हिसाब से 16 जून शनिवार को ईद मनेगी।

नजीरुद्दीन अंसारी।

लगभग 15 घंटे का होगा रोजा

इस बार रमजान के रोजे लगभग 15 घंटे का होगा। शुरुआती दौर में ही 14 घंटे 40 मिनट से लेकर 15 घंटे तक का रोजा होगा। वहीं कुछ रोजा 15 घंटे से भी अधिक समय का होगा। फिलहाल रोजे का कैलेंडर जारी नहीं हुआ है। लेकिन एक आंकड़े के हिसाब से रोजे की अवधि लगभग 15 घंटे की होगी।

शब ए बरात अाज

रमजान के लगभग 15 दिन पहले शब ए बरात मनाई जाएगी। इस बार 1 मई मंगलवार को शबे बरात का पर्व मनाया जाएगा। इसको लेकर समाज में तैयारी पूरी कर ली है। शबे बरात की रात को समाज के लोग रात भर मस्जिदों को घरों में जाकर कुरान की इबादत करेंगे और कब्रिस्तान में जाकर अपने पूर्वजों के लिए दुआ करेंगे।

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