निरीक्षण के बाद लौट गई एनजीटी की टीम

Jamtara News - जिले के ऐतिहासिक राजमहल पहाड़ के संरक्षण संवर्धन व पर्यावरणीय क्षति के आंकलन के लिए एनजीटी द्वारा गठित उच्च...

Oct 13, 2019, 07:56 AM IST
जिले के ऐतिहासिक राजमहल पहाड़ के संरक्षण संवर्धन व पर्यावरणीय क्षति के आंकलन के लिए एनजीटी द्वारा गठित उच्च स्तरीय टीम जो गुरुवार से ही जिले में आई हुई थी शनिवार को देर शाम वापस चली गई। तीन दिनों तक टीम के सभी पदाधिकारी व सदस्य गण बरहरवा पतना कोटालपोखर सकरीगली महादेवगंज मिर्जाचौकी के कई पत्थर खदानों व स्टोन क्रशरों का निरीक्षण किया। टीम जब तक जिले में रही प्रायः सभी पत्थर खदान व स्टोन क्रशर बंद पाए गए। टीम के आगमन व भ्रमण से पत्थर व्यवसायियों में साफ तौर पर दहशत व खौफ देखने को मिली ।दुसरी ओर पर्यावरण प्रेमी ने टीम के आगमन से खुशी देखी गई। टीम के निरिक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का पुख्ता इंतजाम था। टीम शहर के कलिंगा होटल में ठहरी हुई थी। जिले में टीम के रहने तक सभी पत्थर कारोबारियों ने अपने अपने पत्थर खदानों व स्टोन क्रशरों को बंद रखने में ही भलाई समझी। टीम के रहने तक पत्थर खदानों व स्टोन क्रशरों में वीरानी छाई रही जबकि आम दिनों में यही पत्थर उधोग गुलज़ार रहता था। विदित हो की जिले के चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता सैयद अरशद नसर ने जिले के ऐतिहासिक राजमहल पहाड़ को बचाने व पहाड़ पर रहने वाले विलुप्त होती आदिम जनजाति पहाड़िया समुदाय व पहाड़ के तलहटी में बसे संथाल आदिवासी व पहाड़ पर अवस्थित विलुप्त होती विलक्षण जीवाश्म कीमती जड़ी बूटी हरे भरे पेड़ पौधे जीव जंतु प्राकृतिक झरनों व धरोहर के संरक्षण व संवर्धन के लिए एनजीटी में याचिका दायर की है।

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