आदिम जनजाति के साथ अफसरों ने मनाई होली
समाज के लगभग हर कोने में जहां लजीज खानपान और उमंग के साथ होली मनाया गया, वहीं नाला क्षेत्र के पदाधिकारियों ने आदिम जनजाति बहुल भंडार कोल गांव में पहुंचकर होली पर्व मनाया। पहाड़ की तलहटी पर बसे इस गांव के बीचों बीच एक विशालकाय बरगद पेड़ के नीचे एकत्रित महिला, पुरुष एवं बच्चों के साथ अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनोज कुमार झा, प्रखंड विकास पदाधिकारी सुनील कुमार प्रजापति, पुलिस निरीक्षक हरेंद्र कुमार राय एवं पंचायत की मुखिया रानी सोरेन ने अबीर लगाते हुए होली पर्व का मुबारकबाद दिया। छोटे-छोटे बच्चों के बीच लड्डू भी बांटा गया तथा गरीब असहाय लोगों को वस्त्र प्रदान किया गया। विकास के मामले में वर्षो से उपेक्षित इस गांव में होली पर्व के मौके पर पदाधिकारियों के पहुंचने से ग्रामीणों में अपार खुशी देखी गई। ग्रामीणों ने पेयजल की समस्या का समाधान करने का आग्रह किया। गांव में बंद पड़े चापानल को मरम्मत करने तथा इस गांव में रहने वाले लोगों को जाति का दर्जा देने संबंधी समस्याएं रखी गई। मालुम हो कि इस गांव के पूर्वजों द्वारा पहाड़ में खैर लकड़ी संग्रह करने एवं उससे खैर बनाने कि पेशा से जीविका निर्वाह करते थे। 1932 के खतियान में खैर पेशा में शामिल होने से खैरा जाति अंकित किया गया है। इस विसंगति के कारण से यहां के लोगों को आदिम जनजाति के जीवन शैली, रहन सहन, खानपान रहने के बावजूद सरकार द्वारा अधिकृत सूची में शामिल नहीं किया गया है। यही वजह है कि यहां के गरीब लोगों को अधिकतर सरकारी सुविधा भी नहीं मिलती है। इतना ही नहीं इस गांव में अबतक एक भी माध्यमिक पास व्यक्ति नहीं है। इस संबंध में अधिकारी ने आवेदन देने की बात कही है। बंद चापानल को फौरन चालू कराने तथा अन्य समस्या का समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है। इस मौके पर डाॅ पंकज कुमार शर्मा, पंचायत सचिव चांद मुर्मू के अलावा मनोज कुमार, मामोनी मुर्मू, कांति दास, परिमल दास, मनोहर खैरा आदि उपस्थित थे।
होली के अवसर पर आदिम जनजाति के लोगों के साथ पदाधिकारी।