पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Jamtara News The Department Fails To Open Closed Schools On 15th Day Even On Mercury Teachers

बंद स्कूलों को खोलने में विभाग असफल 15वें दिन भी पारा शिक्षक रहे हड़ताल पर

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जिले में लगभग आधे से अधिक सरकारी प्रारंभिक विद्यालयों में ताला लगा है। बंद स्कूलों को खुलवाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने में झारखंड शिक्षा परियोजना कार्यालय जामताड़ा फेल साबित हो रहा है। बताया जाता है कि पारा शिक्षकों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के बाद से जिले में 538 विद्यालयों में ताला लटक गया है। वहीं शेष स्कूल खुल तो जरूर रहे हैं लेकिन पढ़ाई बंद है। विद्यालय में बचे एक या दो शिक्षक सिर्फ बच्चों को विद्यालयों में रोककर रखने का दायित्व ही निभा पा रहे हैं। बंद विद्यालयों में सरकारी शिक्षकों को प्रतिनियोजित कर उनमें पठन-पाठन करने की वैकल्पिक व्यवस्था पूरी तरह फेल हो गई। हिरासत में लिए गए जिले के 2 पारा शिक्षकों के विद्यालयों में नए टेट पास शिक्षकों की नियुक्ति करने में भी विभाग फेल साबित हुआ है। किसी विद्यालय में नए पारा शिक्षक का चयन नहीं किया जा सका है।

जिले में पारा शिक्षकों की हड़ताल से लगभग 40 हजार बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह से ठप हो गया है। जबकि बच्चों का परीक्षा सामने है। ऐसे समय में स्कूलों में पारा शिक्षकों के हड़ताल से बच्चों का भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है। बच्चों के अभिभावक भी सरकार व पारा शिक्षकों के बीच विवाद से परेशान हैं। पारा शिक्षकों की हड़ताल से जिले के 538 विद्यालय पूरी तरह से शिक्षक विहीन हो गई है। बंद स्कूलों के बच्चों को कहीं-कहीं गांव, समाज के ही युवक व युवतियों को पढ़ाने का दायित्व सौंपा जा रहा है। सरकार के निर्देश पर विभाग ने पारा शिक्षकों के भरोसे चलने वाली स्कूलों में सरकारी शिक्षकों का जो प्रतिनियोजन किया था वो भी सरकार के ही निर्देश पर रद्द कर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक जिले में सैकड़ों स्कूलों में ताला लटका हुआ है। अब जिले के 538 स्कूल पूरी तरह से शिक्षक विहीन है। प्राइमरी में कुल 475 व अपर प्राइमरी में 63 स्कूल प्रभावित है। वहीं अनिश्चितकालीन हड़ताल के 15वें दिन भी पारा शिक्षक धरना पर बैठे रहे।

पारा शिक्षकों के समर्थन में काला बिल्ला लगाकर काम करते शिक्षक।

क्या कहते हैं अधिकारी
जिले के परियोजना के सभी स्कूल जो केवल पारा शिक्षकों के भरोसे चल रही थी वे पूरी तरह से शिक्षक विहीन हो गई हैं। वैसे स्कूलों को गांव के ही पढ़े-लिखे लोगों को पढ़ाने का दायित्व सौंपा जा रहा है। उन्हें प्रतिदिन 200 व 250 रुपए के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। विभाग से सरकारी शिक्षकों का जो प्रतिनियोजन किया गया था वो भी सरकार के ही निर्देश पर रद्द कर दी गई है। बांके बिहारी सिंह, डीईओ, जामताड़ा

जिले की स्कूलों का हाल
जिले में कुल पारा शिक्षकों की संख्या 2056

हड़ताल पर रहने वाले पारा शिक्षकों की संख्या 2006

कुल स्कूलों की संख्या 1005

कुल स्कूली छात्रों की संख्या 1.13 लाख

हड़ताल से प्रभावित स्कूलों की संख्या 538

प्रभावित प्राइमरी स्कूलों की संख्या 475

प्रभावित अपर प्राइमरी स्कूल 63

पारा शिक्षकों के समर्थन में आए सरकारी शिक्षक, काला बिल्ला लगाकर किया काम
अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर जिले में सरकारी शिक्षक पारा शिक्षक की मांगों को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन के समर्थन में सरकारी शिक्षकों ने काला बिल्ला लगाकर अध्ययन काम किया। स्कूल में अवकाश के बाद बड़ी संख्या में स्कूलों से बीआरसी कार्यालय पहुंचे सरकारी शिक्षकों ने एकजुटता दिखाते हुए राज्य सरकार की संवेदनहीनता की सामूहिक रूप से तीखी आलोचना की। संघ के बाल्मिकी व विद्यासागर ने जोर देकर कहा कि वर्तमान सरकार की शिक्षा नीति छात्रहित से विमुख है। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि संघ के अगस्त 18 में सरकार को दी गयी 13 सूत्री मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे आंदोलन का बिगुल फूकेंगे। अगले 12 जनवरी को संघ 48 घंटे तक राज्यभर के शिक्षक राजभवन का घेराव करेंगे। कहा कि वर्तमान व्यवस्था व शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के प्रति सरकार की उदासीनता के विरुद्ध घोषित संघर्ष की शुरुआत हो गयी है। पहले चरण में काला बिल्ला लगाकर विरोध जताया जा रहा है। पारा शिक्षकों पर जबरन लाठियां बरसाने की साजिश हो रही है। इतना ही नहीं शिक्षकों के कमर में रस्सा बांधकर अपमानित भी किया गया। सरकार के मुख्य सचिव की ओर से एक माह में समाधान की घोषणा करने के तीन माह बाद भी समस्याओं का बरकरार रहना भयावहता दर्शाता है। राज्य सरकार की ओर से मांगों के समर्थन में सकारात्मक पहल नहीं की गई तो जोरदार आंदोलन होगा।

खबरें और भी हैं...