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काेराेना के डर से बाजार में देसी समानों की है मांग, रंग-अबीर सेे सजे बाजार

एक वर्ष पहले
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कोरोना वायरस को लेकर लोग इतने सशंकित हैं। कोराेना का असर होली के त्योहार पर भी व्यापक असर डाला है। होली के सप्ताह पूर्व से ही बाजारों में रंगों, पिचकारी व मुखाैटे आदि से बच्चों को खेलते देखा जाता था लेकिन कोरोना वायरस के डर से बाजारों से रौनक गायब हो गई है। अभिभावक भी अपने बच्चों को इन रंगों से दूर रख रहे हैं। कुछ सालों से हर एक त्योहार से जुड़ा सामान आदि चीन से आ रहा है। कोरोना वायरस के प्रभाव से जामताड़ा बाजार में होली को लेकर कारोबार ठंडा पड़ा है। लोग लोकल मेड समानाें को ही खरीदना पसंद कर रहे है। होली के बाजार में पिचकारी से लेकर गुब्बारे तथा रंगों से लेकर स्प्रे सभी चीन से आती है। कोराेना वायरस का असर होली के बाजार में भी देखने को मिल रहा है इस बार बाजार से चाइनीज पिचकारियां रंग और फैंसी आइटम का डिमांड कम देखा जा रहा हैं। कोरोना वायरस का असर दुकानदारों के साथ साथ ग्राहकों की सोच पर भी पड़ा है इन दिनों होली के बाजार में खरीदारी के लिए आए लोग भी चीनी उत्पादों से तोबा कर रहे हैं यही कारण है कि इन दिनों ग्राहक दुकान पर आते ही सबसे पहले लोकल उत्पाद दिखाने की मांग करते हैं हटिया रोड में पिचकारी खरीदने आए सुरेश कुमार ने बताया कि चीन में फैले संक्रमण के चलते पहले से ही भारतीय उत्पाद खरीदने का मूड बनाए हुए हैं।

चाइनीज पिचकारी का नया वर्जन गायब

जामताड़ा शहर के दुकानों में होली को लेकर सजे पिचकारी बाजार में चाइनीस पिचकारी का नया वर्जन नहीं आ सका है। गुजरे साल की बची पिचकारी के खरीदार भी नहीं मिल पा रहे हैं। चाइना का स्प्रे रंग बेकार पड़ा है। ग्राहकों का आकर्षण एक बार फिर देशी रंगो के प्रति बढ़ा है। कारोबारियों की मानें तो चाइनीज आइटम में खुशबू व झाग वाला स्प्रे रंग इस बार बाजार में नहीं आया है। पुराने स्टॉक को बेचा जा रहा है। पुराने स्प्रे रंग का इस्तेमाल करने से लोग परहेज कर रहे हैं। कारोबारियों की मानें तो खुशबू व झाग वाले स्प्रे रंग का कारोबार सबसे अधिक होता था। लेकिन इस बार वह भी अब नहीं हो पाएगा।

इस बार सिर्फ हर्बल देसी रंग

हटिया रोड में अपनी दुकान लगाने वाले धीरज कुमार गुप्ता ने बताया कि कोरोना वायरस के कारण होली के बाजार में काफी असर पड़ा है उन्होंने बताया कि इस बार चाइनीस सामान के लिए आर्डर नहीं किया था इस साल सिर्फ देसी रंग और भारतीय कंपनियों के ही उत्पाद बेच रहे हैं उनका कहना है कि चाइनीज रंग बाजार में नहीं होने का त्यौहार पर ज्यादा असर नहीं है।

क्या कहते हैं दुकानदार

दुकानदार राजा पाल ने कहा कि इस बार चाइनीज सामान नहीं रहने के कारण देसी रंग एवं पिचकारी सहित अन्य सामानों की मांग ज्यादा है। लोग देसी समानों की डिमांड कर रहे है। जाे थोड़ा महंगा है। दुकानदार भीम कुमार ने बताया कि इस बार चाइनीस पिचकारिया और गुब्बारे नहीं मंगाया गया हैं। कोरोना वायरस का ही असर है जिससे व्यापार प्रभावित हुआ है। जबकि हर साल पूरा चाइनीज माल ही मंगाया जाता था।

चाइनीज पिचकारियां रंग और फैंसी आइटम का डिमांड कम देखा जा रहा हैं। कोरोना वायरस का असर दुकानदारों के साथ साथ ग्राहकों की सोच पर भी पड़ा है इन दिनों होली के बाजार में खरीदारी के लिए आए लोग भी चीनी उत्पादों से तोबा कर रहे हैं यही कारण है कि इन दिनों ग्राहक दुकान पर आते ही सबसे पहले लोकल उत्पाद दिखाने की मांग करते हैं हटिया रोड में पिचकारी खरीदने आए सुरेश कुमार ने बताया कि चीन में फैले संक्रमण के चलते पहले से ही भारतीय उत्पाद खरीदने का मूड बनाए हुए हैं।

होली को लेकर रंग-अबीर की सजी दुकान।
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