प्रभु के प्रति श्रद्धा भाव बनाने के लिए पूजन उत्सव का करें आयोजन

Jamtara News - मां काली मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा को लेकर प्रखंड के मंडरो में आयोजित त्रिदिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के...

Bhaskar News Network

Jun 14, 2019, 07:30 AM IST
Narayanpur News - to celebrate the worship of lord puja
मां काली मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा को लेकर प्रखंड के मंडरो में आयोजित त्रिदिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिवसीय की कथा में वृंदावन धाम के कथा वाचक श्री धनंजय जी महाराज ने अपने कथा में सत्संग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सत्संग से मानव को ज्ञान तथा परम शांति की प्राप्ति होती है।

उन्होंने कहा कि महाभारत काल मे भी सत्संग के प्रभाव से पांडव ने कौरवों पर विजय प्राप्त किया जबकि कुसंगी के कारण कौरवों की बहुत हानि हुई। ठाकुर जी के मार्गदर्शन व सत्संग से ही धनुर्धर अर्जुन को कौरवों के साथ हुए युद्ध मे विजय प्राप्त हुई। महंत ने आगे कहा कि बालको में सत्संग सुनने की जिज्ञासा होनी बहुत आवश्यक है क्योंकि वेद कालीन में बालकों को गुरुकुल में गुरु के सानिध्य में सत्संग की प्राप्ति होती थी जिसके कारण बालकों में आगे चलकर धर्म तथा समाज के प्रति सच्ची श्रद्धा होती थी, आज की शिक्षा प्रणाली में बच्चों को विशेषतः किताबी ज्ञान दी जाती है जिससे वे किताबी ज्ञान में सिमट कर रह जाते है।

सत्संग नहीं होने के कारण वर्तमान समय के बच्चे भगवान को महज औपचारिक सम्मान देते है यही कारण है कि विभिन्न समय में आयोजित पूजा उत्सवों में फूहड़ गाने गा बजा कर नृत्य करते है। इससे बच्चों में समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना कम हो रही है। हमें अपने बच्चों व परिवार में प्रभु के प्रति श्रद्धा भाव बनाए रखने के लिए समय समय पर पूजन उत्सव का आयोजन करना होगा तभी समाज में सनातन धर्म के प्रति सच्ची श्रद्धा जागृत होगी। उक्त कथा में कथा वाचक धनंजय जी महाराज के अलावा यज्ञाचार्य पंडित अमरकांत दुबे, ग्रामीण प्रकाश सिन्हा, ईश्वर, छोटू, निर्मल, कुन्दन, गिरधर सिंह, पबिर मिश्रा, सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

भागवत कथा करते श्री धनंजय जी।

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