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जरीडीह के पैक्स संचालक व धान मिल वाले मनमाने ढंग से किसानों से कर रहे धान की कटौती

विपिन मुखर्जी

Danik Bhaskar | Feb 18, 2018, 02:40 AM IST
विपिन मुखर्जी
जिले के जरीडीह व कसमार प्रखंड के विभिन्न पैक्सों में धान क्रय केंद्र खोले गए हैं। लेकिन क्रय केंद्रों में प्रति क्विंटल मनमाने तरीके से किसानों के धान की कटौती की जा रही है। पैक्सों में किसानों को धान का के पैसे समय पर मिलते तो नहीं हैं, ऊपर से प्रति क्विंटल 15 से 20 किलो की कटौती कर रहे हैं। इससे सरकार को धान देने के एवज में किसान मानो ठगी का शिकार हो रहे हैं। किसान सरकारी व्यवस्था के खिलाफ बोल रहे हैं, लेकिन मजबूरी में धान बेच रहे हैं। मजेदार बात यह है कि एक तरफ प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी 800 क्विंटल धान खरीदारी होने की बात कह रहे हैं, वहीं धान क्रय केंद्र सह पैक्स अध्यक्ष मात्र 600 क्विंटल धान खरीदारी होने की बात कह रहे हैं। किसानों का कहना है कि धान बेचने के लिए लंबी प्रकिया से गुजरना पड़ता है, फिर धान देने के बाद कटौती कर उनका हक मारा जा रहा है।


बहादुरपुर पैक्स की सीढ़ी पर इंतजार करते किसान।

दलालों की चांदी

सरकारी प्रक्रिया से परेशान किसान दलालों को कम दाम पर धान बेच रहे हैं। दलालों के दर की बात करें तो 1100 से लेकर 1200 रुपए प्रति क्विंटल किसानों से धान खरीद रहे हैं। सरकारी स्तर पर प्रति क्विंटल 1700 रुपए के बावजूद किसान सरकारी स्तर पर धान नहीं बेच रहे हैं। इसलिए दलालों की चांदी है।


मिल वाले कटौती करने को स्वतंत्र : बीसीओ

प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी, जरीडीह एवं व्यापार मंडल जैनामोड़ के प्रबंधक मनोज कुमार ने कहा कि अबतक पैक्सों से 800 क्विंटल धान खरीदी जा चुकी है। धान कटौती के सवाल पर कहा कि धान मिल वाले कटौती करने में स्वतंत्र है। धान की राशि समय पर नहीं मिलने से किसानों के धान बेचने के प्रति दिलचस्पी कम है।

सरकारी मानकों के अनुसार 7 किग्रा ही कटौती करना है

विभागीय सूत्रों की मानें तो जरीडीह प्रखंड के तीन क्रय केंद्रों में पांच हजार क्विंटल धान खरीदने का लक्ष्य है, प्रखंड के केवल गायछन्दा पैक्स ही धान खरीदारी के मामले में सक्रिय है। जानकार बताते हैं कि सरकारी मानकों के मुताबिक एक क्विंटल धान में जुट का बोरा पर 700 ग्राम, कूड़ा पर 6 किलो 400 ग्राम यानी कुल 7 किलो ही कटौती करनी है। धान क्रय के बदले पैक्सों को प्रति क्विंटल 2.45 रुपए बतौर कमीशन भी मिलता है। एक पैक्स सदस्य ने नाम नहीं छापने के आग्रह पर बताया कि भस्की को भी धान क्रय केंद्र बनाया गया है, लेकिन वहां धान की खरीदारी शून्य है, वहीं जैनामोड़ व्यापार मंडल व भस्की में आजतक धान क्रय शुरू ही नहीं हुआ है। यहां के प्रबंधक का कहना है कि व्यापार मंडल से सटा इलाका शहरी है, यहां कोई किसान धान बेचने आता ही नहीं है।