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कसमार में 68 लाख से बनी सड़क 68 दिन भी नहीं चली, अधिकारी कह रहे मरम्मत करवा देंगे

रमेश चंचल

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 22, 2018, 03:10 AM IST

कसमार में 68 लाख से बनी सड़क 68 दिन भी नहीं चली, अधिकारी कह रहे मरम्मत करवा देंगे
रमेश चंचल कसमार

आरईओ ने कसमार प्रखंड के अरमो से मधुकरपुर चौक तक करीब तीन किलोमीटर सड़क का निर्माण कराया। करीब 68 लाख की लागत से बनी यह सड़क 68 दिन भी नहीं चली। इसका शिलान्यास विधायक योगेंद्र महतो ने 4 मार्च 2017 को किया था। सड़क का काम जुलाई 2017 में पूरा हुआ और अगस्त से सड़क टूटने लगी। अब तो हाल यह है कि सड़क पर दर्जनों जगह बड़े-बड़े गड्‌ढे हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क बनने के समय ही घटिया निर्माण की शिकायत अधिकारियों से की गई थी, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। इस तरह सरकारी राशि की लूट हुई और जनता ठगी गई।

अधिकारियों के आगे सरकार का दावा फेल

राज्य सरकार भले ही भ्रष्टाचार मुक्त झारखंड बनाने का दावा करती है। लेकिन जब तक अधिकारियों और ठेकेदारों की सांठ-गांठ रहेगी, तब तक इस पर लगाम नहीं कसा जा सकेगा। अरमो-मधुकरपुर सड़क निर्माण के दौरान ठेकेदार घटिया सामग्री लगा रहा था। ग्रामीण इसका विरोध करते रहे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ठेकेदार सड़क निर्माण कर चला गया, कुछ दिन बाद ही सड़क टूटने लगी। ग्रामीणों ने अधिकारियों व जनप्रतिनिधि से इसकी शिकायत की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।

अरमो से मधुकरपुर चौक तक सड़क बनाने में अधिकारी और ठेकेदार की मिलीभगत का नतीजा

सरियादह स्थित जर्जर सड़क और इनसेट में विधायक द्वारा किया गया शिलान्यास।

निर्माण के समय से ही किया विरोध

मधुकरपुर, भुचुनडीह, पारटांड़, अरमो के ग्रामीण धनंजय स्वर्णकार, अनूप पांडेय, संजय स्वर्णकार, अशोक कुमार रजक, देवेंद्र महतो, जितेन्द्र कुमार प्रजापति, रवि तिवारी, रोहित कुमार, सिकंदर कुमार, गोपाल गुप्ता आदि ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारी व ठेकेदारों की मनमानी और घटिया निर्माण का विरोध करते रहे, लेकिन कहीं भी प्राक्कलन के अनुसार काम नहीं किया गया। संवेदक ने घटिया सामग्री लगाकर काम किया। वहीं सरियादह नाला के समीप मरम्मत करते के साथ ही सड़क उखड़ गई। इतना ही नहीं सड़क पर दर्जनों बड़े-बड़े गड्‌ढे हो गए। सड़क धसने लगी। इसके कारण हल्की बारिश में ही जल जमाव होने लगा। अधिकारी और ठेकेदार हमारी बात अनसुनी करते रहे, जिसके कारण ग्रामीणों को रोज उबड़-खाबड़ सड़क पर चलना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि कसमार प्रखंड के ओरमो से मधुकरपुर तक सड़क निर्माण करने के बाद एक भी दिन अधिकारी देखने नहीं आए। नतीजा यह हुआ कि एक माह में ही सड़क टूटने लगी।

कई जगह अधूरी छोड़ दी सड़क

ओरमो से पारटांड़ होते हुए मधुकरपुर पीपल मोड तक तीन किमी सड़क निर्माण किया गया। मधुकरपुर पंचायत के पूर्व मुखिया के घर के सामने से सड़क अधूरा छोड़ दिया। वहीं पारटांड़ में लगभग 150 मीटर मरम्मत का काम किया ही नहीं। अंबुज चन्द्र झा के घर के आगे पांच मीटर सड़क छोड़ दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में संवेदक ने मनमानी की है।

जल्द मरम्मत करवाई जाएगी : जेई

इस सड़क को करीब से जाकर देखे हैं। संवेदक को सूचना दे चुका हूं। संवेदक को एक वर्ष तक सड़क की मरम्मत करनी है। संवेदक से शीघ्र मरम्मत करवाई जाएगी।  सरोज मेहता, कनीय अभियंता, आरईओ

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