लावालौंग में ठनका से 27 पशुओं की मौत
प्रखंड क्षेत्र के तीन पंचायतों के चार गांवों में शनिवार की सुबह आसमानी बिजली ने कहर बरपाया। इससे 27 पशुओं की मौत हो गई है। सबसे पहले सीलदाग पंचायत के नावाडीह गांव में एक पेड़ के ऊपर वज्रपात होने से इसके नीचे आश्रय लिए लुरक गंझू के सात भैंसों की मौत मौके पर ही हो गई। कुछ ही देर में इसी गांव के साजीबार टोला में भी वज्रपात हुआ, जिसकी चपेट में आने से पैरू गंझू एवं धनराज गंजू के एक-एक दुधारू गायों की मौत हो गई। इसके बाद आसमानी बिजली ने मंधनिया पंचायत के होसीर गांव में अपना तांडव दिखाया। वज्रपात से यहां कलटू भुइयां के चौदह पशुओं की मौत हो गई। इनमें पांच गाय, पांच बछड़े एवं चार बैल शामिल हैं। रिमी पंचायत स्थित टिकदा गांव में भी वज्रपात से कैलू गंझू के दो दुधारू गाय एवं दो बैलों की मौत हुई है। ज्ञात हो कि लावालौंग प्रखंड के इन सुदूरवर्ती गांवों में जीविकोपार्जन के लिए पशुपालन किसानों का मुख्य कार्य है। ऐसे में किसानों के सभी के सभी जानवरों के वज्रपात में मारे जाने से उनके समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न होने की स्थिति बन गई है। घटना की सूचना पाकर बीडीओ शैलेंद्र कुमार चौरसिया ने हासिर गांव पहुंचकर घटना का जायजा लिया। साथ ही किसानों को हर संभव सहयोग करने की बात भी कही। इस दौरान उन्होंने आमजनों से अपील भी की है कि मौसम को देखते हुए अपने जान-माल की सुरक्षा को लेकर चौकस रहें। भूलकर भी पेड़ों का आश्रय ना लें और जान जोखिम में डाले। खराब मौसम में घर से बाहर भी ना निकले।
सिमरिया में दो मवेशी मरे
सिमरिया | कान्हूखाप गांव में शनिवार को बारिश के साथ हुई वज्रपात में दो मवेशियों की मौत हो गयी।इस घटना में एक बैल और एक गाय की मौत हुई है।उक्त दोनों मवेशी गांव के रामधनी गंझू के थे।दोनो मवेशियों की मौत से भुक्तभोगी को लगभग पचास हज़ार रुपये का आर्थिक क्षति हुई है।जानकारी के अनुसार दोनों मवेशी मचान के नीचे बंधे हुए थे।इस दौरान तड़क मलक के साथ वज्रपात होने से मवेशियों की मौत हो गयी।भुक्तभोगी ने अंचल कार्यालय से आपदा राहत के तहत मुआवजा देने की मांग की है।