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बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण के साथ पुनर्वास भी जरूरी

राष्ट्रीय झारखंड सेवा संस्थान सृजन फाउंडेशन व बाल कल्याण समिति की ओर से परिवार आधारित बालकों के पुनर्वास विषय पर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 27, 2018, 03:05 AM IST

राष्ट्रीय झारखंड सेवा संस्थान सृजन फाउंडेशन व बाल कल्याण समिति की ओर से परिवार आधारित बालकों के पुनर्वास विषय पर एक दिवसीय जिलास्तरीय कार्यशाला का आयोजन सोमवार को बाल कल्याण समिति कार्यालय में किया गया। मौके पर समिति के अध्यक्ष मनोज दांगी, सदस्य राज कुमार सिन्हा, बाल संरक्षण पदाधिकारी नरेंद्र सिंह, जिला बाल विदिशा पर्यवेक्षक पदाधिकारी दिनेश कुमार पाल व सर्व शिक्षा अभियान से निलिमा मौजूद थे। मौके पर विषय प्रवेश कराते हुए निर्भय कुल ने कहा कि प्रशासन, स्वंयसेवी संस्था, जनप्रतिनिधि सामंजस्य स्थापित कर बालको की देखरेख व संरक्षण को जमीन तक ले जाने की आवश्यकता है। वहीं चाइल्ड लाईन के समन्वयक तुलसी कुमार, होली फैमिली के मुन्ना, भोला प्रसाद, वीर झारखंड सेवा मंच के महेश, झारखंड उत्थान न्यास केंद्र की किरण देवी ने भी अपने विचार रखे। सर्वशिक्षा की नीलिमा ने कहा कि सर्वशिक्षा अभियान के तहत उन बच्चों को विद्यालय व शिक्षा से जोड़ते है जो ड्रॉप आउट और शिक्षा से वंचित है। उन्होंने कहा कि ड्रॉप आउट किशोरियों के लिए कस्तूरबा विद्यालय में शिक्षा से जोड़कर पुनर्वास का कार्य किया जा रहा है। बाल संरक्षण पदाधिकारी नरेंद्र सिंह ने कहा कि आईसीडीएस के तहत जो योजनाएं है उसको लेकर हम संवेदनशील है। वहीं बाल कल्याण समिति के सदस्य राजकुमार सिन्हा ने कहा कि जेजे एक्ट में बच्चों के सुरक्षा व संरक्षण के साथ पुनर्वास भी महत्वपूर्ण पहलु है और समिति भी जरूरतमंद बच्चों के पुनर्वास की योजना पर कार्य कर रही है। कार्यक्रम को दिनेश कुमार पाल ने भी संबोधित किया। वहीं बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष मनोज दांगी ने कहा कि समिति का दायित्व है कि जिले में सभी जरूरतमंद बच्चों को सुरक्षा, संरक्षण उपलब्ध कराई जाए, जिसमें सरकार व समिति सक्रिय भूमिका निभा रही है।

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