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10 हजार मुस्लिम महिलाओं ने बिना नारा लगाए किया तीन तलाक बिल का विरोध

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के बैनर तले तहफ्फुज-ए-शरीयत जिला कमेटी की ओर से गुरुवार को तीन तलाक बिल वापस लेने...

Danik Bhaskar | Mar 16, 2018, 03:40 AM IST
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के बैनर तले तहफ्फुज-ए-शरीयत जिला कमेटी की ओर से गुरुवार को तीन तलाक बिल वापस लेने के लिए मुस्लिम महिलाएं कोडरमा की सड़क पर उतर कर मौन जुलूस निकाला। मौन जुलूस कोडरमा बाजार से निकला, जो रांची-पटना मुख्य मार्ग होते हुए जिला समाहरणालय पहुंचकर धरना में तब्दील हो गई। मौन जुलूस में शामिल महिलाएं तलाक बिल वापस लो, शरीयत में हस्तक्षेप बंद करो, हम कानूने शरीयत के पाबंद है, इस्लामी शरीयत हमारा गर्व है की तख्तियां लेकर चल रही थी।

10 हजार की करीब मुस्लिम महिलाआें ने बिना कोई नारा और बिना कोई आवाज के तीन तलाक बिल के खिलाफ संगठित होकर कोडरमा जिला में पहली बार इतनी बड़ी तादाद में जिला समाहरणालय पहुंचकर सरकार के द्वारा लाए जा रहे तीन तलाक बिल का जमकर विरोध किया। बाद में महिलाओं का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त भुवनेश प्रताप सिंह से मिलकर प्रधानमंत्री के नाम एक स्मार पत्र सौंपा।

इसमें तीन तलाक बिल को वापस लेने व शरीयत में दखल देना बंद करने की मांगे शामिल है। प्रतिनिधिमंडल में शबिहा खातून, शबिरा खातून, शगुफ्ता नाज, इरम जिलानी, मुसर्रत फिजा, शबिस्ता हीना, साफिया खातून, आरफा नाज, शमा परवीन, मोबिना परवीन असगरी खातून शामिल थी। बाद में पत्रकारों से बात करते हुए महिलाओं ने कहा कि इस्लामी शरीयत पैदाइश से लेकर मौत तक पूरी तरह मुकम्मल है और हम इसके पाबंद है तथा महिलाएं शरीयत की कानून से खुश है।

उन्होंने कहा कि यह मौन जुलूस सरकार द्वारा लाई गई तीन तलाक बिल को वापस लेने के लिए आयोजित की गई है। हम महिलाएं सरकार से मांग करती हैं कि ट्रिपल तलाक बिल को सरकार शीघ्र वापस लें। मौके पर दारूल कजा के काजी-ए-शहर मुफ्ती नसीमुद्दीन के अलावा हुमैरा परवीन, अबसार परवीन, यासमीन परवीन, निकहत परवीन, शाहीना परवीन सहित हजारों की संख्या में मुस्लिम महिलाएं शामिल थी।

तीन तलाक बिल के विरोध में निकाले गए मौन जुलूस में शामिल मुस्लिम महिलाएं हाथ में तख्तियां लिए हुए।

सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रही

जुलूस में विधि व्यवस्था संधारण के लिए सहकारिता प्रसार पदाधिकारी अमूल कुमार तिर्की दंडाधिकारी के रूप में तैनात थे। मौन जुलूस में उमड़ी महिलाओं की भीड़ के कारण कोडरमा बाजार में जाम की स्थिति बन गई थी, जो बाद में सामान्य हो गई।