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अधिकांश गांवों में शाम ढलते ही ब्लैक आउट की स्थिति

एक वर्ष पहले
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इन दिनों इटखोरी प्रखंड में अनावश्यक बिजली की कटौती की जा रही है। बिजली विभाग द्वारा उपभोक्ताओं पर बकाया बिजली बिल भुगतान नहीं किए जाने की हवाला देकर अनावश्यक बिजली की कटौती की जा रही है। इटखोरी में प्रत्येक 6 घंटे के बाद मात्र 2 घंटे के लिए हीं बिजली आपूर्ति किया जा रहा है। जिससे आम जनों की परेशानी बढ़ गई है। उपभोक्ताओं को मोबाइल चार्ज के लिए भी इधर-उधर इनवर्टर लगे गृहस्वामियों के घर भटकना पड़ रहा है। अनावश्यक बिजली कटौती को लेकर इटखोरी चौक के कई व्यवसायियों ने कहा कि बिजली विभाग का यह रवैया ठीक नहीं है। हर महीने बिजली बिल का भुगतान कर देते हैं, तो हमलोगों की बिजली क्यों काटी जा रही है। स्थानीय लोगों ने कहा कि बीजेपी की सरकार में 24 में 18 घंटे से ऊपर बिजली मिलती थी। मगर इधर हेमंत सरकार में 24 घंटे में 18 घंटे बिजली की कटौती की जा रही है।जिसे माफ नहीं किया जा सकता है। इन लोगों ने कहा कि अगर इस पर सुधार नहीं हुआ तो हमलोग इटखोरी पावर होश में ताला जड़कर आंदोलन शुरू कर देंगे।

चतरा में बिजली कटौती से तीन दिनों से शहरी पेयजलापूर्ति ठप

भास्कर न्यूज|चतरा

बिजली कटौती का असर शहरी पेयजलापूर्ति पर पड़ रहा है। पिछले तीन दिनों से शहर में पेयजलापूर्ति ठप है। पानी को लेकर हाहाकार मचा है। सप्लाई पर निर्भर लोग की परेशानी बढ़ गई है। उल्लेखनीय है कि छह घंटे के अंतराल पर दो घंटे बिजली मिल रही है। इसके कारण जिले को छह घंटे की जगह चार से पांच घंटे ही बिजली मिल रही है। कभी लगातार दो घंटे बिजली नहीं मिली है। इसका असर पेयजलापूर्ति पर पड़ रहा है। लगातार बिजली नहीं मिलने के कारण जलमीनारों पर पानी नहीं चढ़ रहा है। इसके कारण पिछले तीन दिनों से पेयजलापूर्ति ठप है। लोग पानी की तलाश में इधर- उधर भटक रहे हैं। नियमित बिजली नहीं मिलने के कारण कुटीर उद्योग पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

व्यवसायियों ने कहा- हम नियमित बिल का भुगतान कर रहे हैं, हमें अबाध बिजली चाहिए

इटखोरी में हर छह घंटे बाद दो घंटे ही मिल रही बिजली

भास्कर न्यूज | जयनगर/ मरकच्चो

डीवीसी की ओर से की जा रही 18 घंटे की बिजली कटौती के कारण सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों के अलावे ग्रामीणों को कभी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली कटौती के कारण प्रखंड व अंचल कार्यालय के कार्य बाधित हो रहा है। लोगों को 24 घंटे में मात्र 6 घंटे विद्युत आपूर्ति होने के कारण ग्रामीणों में डीवीसी प्रति काफी रोष है। जिप सदस्य पवन सिंह, मुखिया अर्चना कुमारी, अरमान खान, सुरेश यादव, संजय सिंह, राजकुमार गुप्ता, जयराम राम, सुरेश राम, नारायण यादव मुश्ताक अंसारी शशिकांत प्रसाद, बुलबुल खान, मुखिया शहजाद आलम आदि ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा बिजली की कटौती से सभी घर परिवार के लोग परेशान हैं । शाम ढलते ही बिजली कट जाने के कारण बच्चों को पठन-पाठन पर भी प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सरकार की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को झेलना पड़ रहा हैं। उपभोक्ता प्रतिमाह बिजली बिल जमा करते हैं। बावजूद इसके बिजली कटौती करना दुर्भाग्यपूर्ण है। ग्रामीणों ने सरकार से इस समस्या का समाधान करने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा की जल्द ही समस्या का समाधान नही किया गया तो जनता सड़क पर उतरने का बाध्य होगी।

डीवीसी द्वारा शुरु की गई लोड शेडिंग से मरकच्चाे प्रखंड में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। गांव में बिजली नहीं मिलने के कारण शाम ढलते ही ब्लैक आउट की स्थिति बन जाती है। लोगों को दो घंटे सुबह नौ बजे तथा दो घंटे शाम पांच बजे से ही बिजली मिल रही है। जबकि दो घंटे की आपूर्ति आधी रात के बाद हो रही है। इसका असर बाजार में भी दिखने लगा है। रात सात से आठ बजते ही चौक चौराहों पर सन्नाटा छा जाता है। दूकानदार भी जल्द ही दुकान बंद कर घर चले जाते हैं। सबसे ज्यादा इसका असर विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। परीक्षाओं का समय चल रहा है छात्र छात्राएं लालटेन या मोमबत्ती की रोशनी मे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने कहा की जल्द से जल्द बिजली की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वो सड़कों पर उतर आएंगे।

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