कोडरमा में भाजपा विरोधी मतों के बिखराव की संभावना बढ़ी

Kodarma News - झामुमो गठबंधन से दूर हटकर झाविमो द्वारा अलग प्रत्याशी उतारने के इरादे के कारण यहां भाजपा विरोधी मतों में बिखराव...

Nov 10, 2019, 07:30 AM IST
झामुमो गठबंधन से दूर हटकर झाविमो द्वारा अलग प्रत्याशी उतारने के इरादे के कारण यहां भाजपा विरोधी मतों में बिखराव होने की संभावना बढ़ गई है। गठबंधन में शामिल नहीं किए जाने वाली वाम पार्टियां अभी अपने पत्ते नहीं खोली हैं, जबकि आप ने कोडरमा में अपनी दिलचस्पी बढ़ाते हुए यहां से उम्मीदवार उतारने का मन बना लिया है। वर्ष 2009 के आम विधानसभा चुनाव में झाविमो के प्रत्याशी रमेश सिंह(अब भाजपा में) लगभग 30 हजार मत पाकर द्वितीय स्थान पर रहे थे। जबकि वर्ष 2014 के आम चुनाव में झाविमो प्रत्याशी भीम साव ने 10 हजार से अधिक मत पाए थे। कोडरमा संसदीय क्षेत्र का कई बार प्रतिनिधित्व कर चुके झाविमो के केंद्रीय अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी का यहां कई इलाकों में प्रभाव रहा है। आसन्न चुनाव में गठबंधन के तहत कोडरमा राजद के हिस्से में आया है। राजद यहां दमखम से उतारने की तैयारी में है, वहीं झाविमो भी दमदार उम्मीदवार की तलाश में जुटा है। इधर यहां से आप भी पहली दफा प्रत्याशी देने के मूड में है। आप के प्रदेश उपाध्यक्ष डाॅ. संतोष मानव ने तो यहां तक कहा है कि उनकी पार्टी यहां की सीट को गंभीरता से लिया है। यहां आप पार्टी के वरीय नेताओं का दौरा लगातार चल भी रहा है। दूसरी ओर वाम पार्टियों की ओर से अभी तक यहां से चुनाव लड़ने की घोषणा नहीं की है, पर यह लगभग निश्चित हो गया है कि वे गठबंधन को समर्थन नहीं करेंगे। कई पार्टियों के अलग अलग चुनाव लड़ने के कारण भाजपा विरोधी मतों का बिखराव तय माना जा रहा है। इसके अतिरिक्त अन्य छोटे दलों के भी यहां से चुनाव लड़ने की चर्चा आम है। इसका सीधा लाभ उठाने की कोशिश भाजपा कर सकती है। सनद रहे कि गत विधानसभा चुनाव में विरोधी मतों का ध्रुवीकरण नहीं होने का लाभ भाजपा को मिला था।

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