मसूर, तीसी, सरसों की फसलें पूरी तरह बर्बाद
पिछले 12 घंटे से क्षेत्र हो रही बारिश के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान रबी फसलों को हुआ है। फसलों की पैदावार प्रभावित होने से किसानों की परेेशानी बढ़ गई है। प्रखंड के किसान अजय साव, रामानंद यादव, काली रजक, बीरेंद्र यादव, शमीम अंसारी, बालेश्वर यादव, बैजनाथ रविदास, राजेश कुमार यादव, मनोज यादव, महेंद्र यादव समेत दर्जनों किसानों ने कहा कि पहले खरीफ फसल में धान की पैदावार बारिश से प्रभावित हुई। बारिश के कारण काफी मात्रा में धान की फसल की कटनी व दवनी का भी मौका नहीं मिला। अब रवि फसल फसल अरहर, चना, मसूर, गेहूं, प्याज, तीसी, सरसों जैसे तिलहन फसलें की अच्छी पैदावार पर ग्रहण लग गया है। हम किसान महंगे भाव में बीज लेकर इन फसलों की बुवाई की, लेकिन इस चरण में लगातार बारिश से फसलों की अच्छी उपज मिलने की उम्मीद नहीं रह गई है। मसूर, तीसी, सरसों की फसलें खेत में लगातार हो रही बारिश से बर्बाद हो गई कटनी का मौका नहीं मिल पा रहा है अरहर की फसल भी बारिश के कारण फूल गिर जाने से काफी नुकसान हो रहा है। वहीं आम के पेड़ों पर लगे मंजर को भी बारिश के कारण काफी नुकसान पहुंचा है।
डोमचांच में सबसे ज्यादा असर साप्ताहिक हाट-बाजार में देखने को मिला। यहां सन्नाटा पसरा रहा। बारिश से नालियों का पानी रोड पर बहता देखा गया। डोमचांच बाजार, मसमोहना पंचायत का मुख्य मार्ग, जो अन्य गांवों को जोड़ता है, इस मार्ग पर जल जमाव बना रहा। शिवसागर रोड, ढोढकोला,खरखार, बच्छेडीह पंचायतों के मुख्य मार्ग पर भी जलजमाव की स्थिति देखी गई।
सतगावां प्रखंड में बेमौसम बारिश से खेतों में लहलहाते रबी फसल बर्बाद होने से किसान चिंतित है। लगातार दो वर्षों से सुखाड़ झेल रहे प्रखंड के किसानों को इस वर्ष रबी की अच्छी फसल होने की संभावना थी, लेकिन बेमौसम बारिश ने किसानों के अरमानों पर ग्रहण लगा दिया है। दलहन फसल लगने के बाद लगातार हो रही बारिश के कारण मसूर, अरहर, चना, खेसारी सहित अन्य तिलहन के फसल राई, सरसों, तीसी आदि की फसल को भारी नुकसान हुआ है। पिछले दो सप्ताह पूर्व हुई बारिश व हवा के कारण दलहन व तिलहन में लगे फूल झड़ गए थे। शुक्रवार की रात से हो रही बारिश ने इस फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। शिवपुर गांव के किसान सुरेंद्र सिंह, तारिणी सिंह, नवलेश सिंह, सुधाकर सिंह, नासरगंज के किसान राजेन्द्र राम,मुकेश कुमार, मरचोई के किसान बालमुकुंद पांडेय, गिरीश सिंह ने बताया कि पहले ही बेमौसम बारिश की वजह से व तेज ठंड के कारण फसलों में पाला मार देने के कारण दलहनी व तिलहनी फसलों में भारी क्षति हो चुकी है।
जयनगर में गेहूं, चना, सरसों सहित दलहन व तिलहन की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि सरसों, चना व दलहन फसलाें से बारिश का पानी की त्वरित निकासी करें या अन्यथा फसल की जड़ों के पानी के कारण सड़ने का डर बना रहेगा। जेठूआ सब्जी की उचित देखभाल करें। जैसे पानी का निकासी, व बिचड़ा का बचाने के लिए प्लास्टिक का घर का प्रयोग करें। धूप निकलने पर तुरंत वावस्टी या रेडोमिल दवा का 10 लीटर पानी में 20 ग्राम डालकर सप्ताह में दो बार छिड़काव करें, तभी बीमारियों से फसल बच सकता है।
मरकच्चो के किसान इदरीश खान, जलील खान देवी सिंह यादव आदि का कहना है कि बेमौसम बरसात से फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। बारिश से खासकर खेतों में पका हुआ गेहूं, सरसों, चना, मसूर, अरहर आदि फसल को काफी नुकसान हुआ है। किसानों ने कहा कि खेतों में लगे गेहूं अब पूरी तरह पक चुकी है। और वह काटने लाइक हो गया है। ऐसी स्थिति में बरसात का पानी गेहूं बीज के अंदर चले जाने के कारण बीज सड़ने की संभावना बढ़ गई है।
परसाबाद स्टेशन रोड पर जलजमाव का नजारा।
डोमचांच हाट बाजार में जलजमाव का नजारा।
बारिश से बर्बाद हुई गेहूं व राई की फसल।