सीएस से नहीं ली सहमति, गोदाम से निकाली गई 12 कार्टन दवा पकड़ी

Kodarma News - सदर अस्पताल परिसर स्थित वेयर हाउस से चाेरी छिपे वाहन में लोड कर ले जाई जा रही 12 कार्टन दवा बरामदगी मामले में 24 घंटे...

Nov 10, 2019, 07:31 AM IST
सदर अस्पताल परिसर स्थित वेयर हाउस से चाेरी छिपे वाहन में लोड कर ले जाई जा रही 12 कार्टन दवा बरामदगी मामले में 24 घंटे बाद भी दोषियों पर कार्रवाई नहीं की जा सकी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों द्वारा इस संबंध में अलग-अगल तरीके के बयान दिये जाने से मामला काफी संदेहास्पद हो गया है। इस मामले में एक ओर जहां सीएस पार्वती नाग ने मीडिया को पकड़ी गई दवा के मामले में बिना उनकी सहमति से गोदाम से निकाल कर ले जाने की बात कही गई। उन्होंने बताया कि दवा काफी दिनों से गोदाम में पड़ी थी। वहीं गोदाम के प्रभारी पदाधिकारी सह एससीएमओ डाॅ. अभय भूषण प्रसाद का कहना है कि पकड़ी गई दवा विभाग का नहीं है। इस संबंध में आपूर्ति से संबंधित किसी भी प्रकार की स्टॉक में इंट्री नहीं पाई गई है। जबकि जांच के दौरान पकड़ी गई दवा के रामगढ़ के एक दवा विक्रेता द्वारा चार अक्टूबर के डेट में कोडरमा सीएस व एसीएमओ के नाम से वाउचर के सहारे दवा की आपूर्ति किये जाने के कागजात प्रस्तुत किए गए थे।

एएसटी की टीम ने वैन में लदी पकड़ी थी दवा

चुनाव को लेकर जिला प्रशासन द्वारा गठित एसएसटी टीम ने शुक्रवार की रात करीब नौ बजे थाना के समीप जांच के दौरान ओमनी वैन पर लोड कर ले जाई जा रही 12 कार्टन दवा पकड़ी थी। जांच के दौरान दवा को ले जाने के संबंध में कोई कागजात नहीं पाए गए थे। बाद में इस मामले को लेकर सीएस को सूचना दिये जाने के बाद उन्होंने उक्त दवा को सदर अस्पताल का बताकर वहां से छुड़ाकर अस्पताल के एक रूम में रखवाया। साथ ही पूरे मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही।

आपूर्तिकर्ता व स्टोर के इंचार्ज सहित कुछ कर्मियों की संलिप्तता की आशंका

दवा के चोरी छिपे किये जाने वाले कालाबाजारी में वेयर हाउस के इंजार्च बीके सिंह, कोल्ड चैन होल्डर मनीष कुमार के अलावा दवा के आपूर्तिकर्ता रामगढ़ के अंजनी एजेंसी के मिलीभगत होने की जानकारी मिली है। वहीं जिस तरह से पूरे मामले में विभाग के पदाधिकारियों द्वारा बयान दिये जा रहे हैं, उससे इस पूरे मामले में उनका भी इसमें शामिल कर्मियों को संरक्षण दिये जाने की बात जाहिर हो रही है। सूत्रों की माने तो विभाग के दवा गोदाम से काफी समय से दवा की कालाबाजारी का खेल खेला जा रहा था। मरीजों को उपलब्ध कराने के लिए सदर अस्पताल के अलावा जिले के अन्य सरकारी अस्पतालों को आपूर्ति किये जाने वाली दवा के नाम पर महंगी दवा को बाजार में बेचने का कार्य किया जा रहा थो। इसका खुलासा नहीं हो पा रहा था।

अस्पताल में अक्सर कैल्शियम व विटामिन डी, थ्री गोली की बताई जाती है किल्लत

कार्टन में रख कर कालाबजारी को ले जाई जा रही दवा में डेढ़ लाख कैल्शियम व विटामिन डी थ्री की गोली थी। अस्पताल में इस दवा की हमेशा कमी बताई जाती रही है। इस दवा की आम तौर पर जिले में राज्य से ही आपूर्ति की जाती रही है। वहीं कमी होने पर निविदा के माध्यम से भी स्थानीय स्तर पर खरीदारी होती रही है।

फार्मासिस्ट की बजाय कंप्यूटर ऑपरेटर को गोदाम का चार्ज

विभाग के वेयर हाउस का चार्ज पिछले कई सालों से विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत बीके सिंह द्वारा संभाला जा रहा है। जबकि नियमत: गोदाम का चार्ज विभाग के किसी फार्मासिस्ट को दिया जाना चाहिए था।

जांच के बाद दोषियों पर होगी कार्रवाई : सीएस

सीएस पार्वती नाग ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। दोषी पाये जाने वाले कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।

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