गोमाता में धर्म का वास... इसे बचाएं, इसकी सेवा करें
पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के तत्वाधान में शहर के माहेश्वरी भवन में आयोजित 4 दिवसीय गो कथा का शुभारंभ शुक्रवार को किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन यजमान के रूप में गायत्री देवी व सूर्य नारायण वर्णवाल ने गीता पुस्तक का संकल्प कर स्वामी जी को तिलक लगा कर वंदन किया तथा माला पहनाया जिसके उपरांत ज़िला परिषद अध्यक्ष शालिनी गुप्ता, योग क्रांति बहन सुषमा सुमन, प्रदीप सुमन ने स्वामी जी की आरती की। मौके पर ज़िला परिषद अध्यक्ष शालिनी गुप्ता ने कहा कि हमें पहली रोटी गाय को देनी चाहिए वह भी एक परिवार का हिस्सा है। उन्होंने कहा को कोडरमा जिले में पहली बार गो कथा हो रही है जो कि सराहनीय है। गो कथा में प्रवचनकर्ता के रूप में आए अखंड परम धाम हरिद्वार के स्वामी हंसानंद गिरी जी महाराज ने पहले दिन संगीतमय कथा में गौ माता को धर्म से जोड़ कर लोगो को आज के वर्तमान स्थिति के बारे में बताते हुए कहा कि हमारे धर्म के केंद्र में केवल गाय है। हम भगवान को मंदिर में प्रसाद चढ़ाते है लेकिन वह प्रसाद मूर्ति के समक्ष सड़ जाता है और भगवान उसे ग्रहण नहीं करते हैं, वही प्रसाद हम अगर गो माता को दे तो वह तुरंत प्रसाद को ग्रहण करती है। इस से यह सिद्ध होता है कि गऊ चलती फिरती भगवान है। पहले गौ माता हमारे घरों-आश्रमो में रहा करती थी। परंतु वह आज सड़कों पर कचड़ा खाने को मजबूर है। हिंदू रीति रिवाज में सारे पर्व, त्यौहार सारी पूजा में गाय का दूध, दही, मूत्र व गोबर अनिवार्य है, लेकिन वर्तमान समय की स्थितियों ऐसी बनाई जा रही है कि गाय एक पशु है जो कि एक सोची समझी साजिश के तहत धर्म को तोड़ने का कार्य किया जा रहा है। मौके पर हरिद्वार से स्वामी हंसानंद के साथ अंशुल दिक्षित, नीतीश पाठक,विकास कुमार,देवेंद्र कुमार, संतु यादव आए है। कार्यक्रम को सफल बनाने में पवन भोजगरिया, सुभाष बर्णवाल, सज्जन शर्मा, दिनदयाल केडिया, मनोज गुप्ता,अमन कुमार, मनोज गुप्ता, दीपक कुमार,आलोक सिन्हा, प्रदीप मोदी, रामचंद्र यादव, मिथलेश गुप्ता का अहम योगदान है।