अायुष्मान योजना से मरीज को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने पर सहिया को मिलेंगे Rs.250

Kodarma News - जन अयोग्य योजना के तहत मरीजों को अस्पताल ले जाकर इलाज कराने वाली सहियाओं को प्रोत्साहन राशि के रूप में 250 रुपए दिए...

Dec 04, 2019, 08:30 AM IST
Chatra News - sahia will get rs250 on taking the patient to hospital for treatment under ayushman scheme
जन अयोग्य योजना के तहत मरीजों को अस्पताल ले जाकर इलाज कराने वाली सहियाओं को प्रोत्साहन राशि के रूप में 250 रुपए दिए जाएंगे। यह राशि सहियाओं को जिला स्वास्थ्य समिति के द्वारा दिया जाएगा । यह जानकारी सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार पासवान ने दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक डॉ. शैलेश कुमार चौरसिया ने इस संबंध में जिला स्वास्थ्य समिति को एक पत्र भेजा है। इसमें बताया गया है कि प्रधानमंत्री आरोग्य योजना के तहत आयुष्मान योजना कार्ड से इलाज कराने वाले मरीजों को पांच लाख रुपये तक का नि:शुल्क उपचार किया जाना है। मरीजों को योजना की जानकारी देकर इलाज के लिए उन्हें निबंधित अस्पतालों में प्रेरित कर लाने वाली सहियाओं को भी प्रोत्साहन राशि के रूप में ढाई हजार रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पूर्व में इस योजना के तहत सहियाओं को किसी तरह का प्रोत्साहन राशि नहीं मिलता था। लेकिन अब योजना के क्रियान्वयन में भागीदारी निभाने वाली सहियाओं को भी प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया गया है। उन्हें प्रति मरीज ढाई सौ रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने कहा सहियाओं को प्रोत्साहन राशि दिए जाने के बाद योजना के क्रियान्वयन में काफी सहूलियत होगी। अभियान निदेशक के पत्र मिलने के बाद उन्होंने जिले के सभी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारियों को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी है। ताकि जिले के सभी प्रखंडों के सभी पंचायतों में कार्यरत सहियाओं को योजना की जानकारी मिल सके। उल्लेखनीय है कि आयुष्मान योजना के तहत जिले के सदर अस्पताल के अलावा सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा आधा दर्जन निजी अस्पतालों को निबंधित किया गया है । निजी अस्पतालों में भी आयुष्मान योजना के गोल्डन कार्ड से मरीजों का उपचार किया जा रहा है।

चतरा का सदर अस्पताल।

स्वास्थ्य केंद्रों पर आयुष चिकित्सकों से कराई जा रही ओपीडी, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम हो रहा प्रभावित

भास्कर न्यूज | चतरा

स्वास्थ्य निदेशक के सख्त निर्देश के बाद भी जिले के विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रतिदिन आयुष चिकित्सकों से ओपीडी का कार्य लिया जा रहा है। जिसके कारण जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रभावित हो रहा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक डॉ शैलेंद्र कुमार चौरसिया ने सिविल सर्जन सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारियों को पत्र लिखकर आयुष चिकित्सकों से बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में लगाने की बात कही है। लेकिन चिकित्सा पदाधिकारी मनमानी तरीके से अपने-अपने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आयुष चिकित्सकों से काम करवा रहे हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक द्वारा जारी किए गए आदेश में कहा है कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत कार्य कर रहे चिकित्सक डेडिकेटेड मोबाइल हेल्थ समिति का हिस्सा हैं। उनका कार्य प्रतिदिन माइक्रो प्लान के अनुसार स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में भ्रमण करना है । परंतु आयुष चिकित्सकों से अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में रात्रि ड्यूटी, आपातकालीन सेवा एवं जनरल ओपीडी करवाया जा रहा है। यह नियम के विरुद्ध है और इस कारण वे अपने दैनिक कार्यों का संपादन नहीं कर पा रहे हैं। जिसके कारण आरबीएसके कार्यक्रम प्रभावित हो रहा है। निदेशक ने सिविल सर्जन को सभी आयुष चिकित्सकों को अन्य कार्यों से मुक्त करने एवं भविष्य में कोई भी अन्य कार्य एवं प्रशिक्षण में शामिल न करने का निर्देश दिया है। यह भी कहा गया है कि यदि किसी कारणवश आयुष चिकित्सकों को अन्य कार्यों में शामिल किया जाता है, तो उसकी अनुमति राज्य मुख्यालय से लिया जाय।

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