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टंडवा का पुल टूटा, जिला मुख्यालय समेत हजारीबाग व अन्य शहरो का संपर्क टूटा
भारी बारिश के कारण टंडवा की लाइफ लाइन माने जाने वाली गेरुआ पुल टूट गई। इस दौरान एक बड़ी हादसा टल गया। यह घटना शनिवार सुबह लगभग दस बजे की है। पुल टूटने के बाद प्रशासन सुरक्षा को देखते हुए पुल के दोनों तरफ बेरिकेडिंग लगाकर लोगों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दिया है। जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि प्रशासन फिलहाल कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कराई है जिससे लोग नदी पार कर सकें। लोग अब उफनती नदी मे जलस्तर कम होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि नदी पार कर अपने अपने गन्तव्य पहुंच सके। समाचार लिखे जाने तक नदी के दोनों तरफ यात्री समेत सैकड़ों लोग फंसे है।
लोगो के सामने धंसता रहा पुल
प्रखंड मे हुई मूसलाधार वारिश के बाद प्रसिद्ध चुंदरु धाम मे एक बार फिर उफनती हुई बाढ़ आई। जिसे देखने लोग आ जा रहे थे। इसी बीच कुछ लोग पुल के बीचो बीच दबता हुआ नजर आ रहा था। और देखते ही देखते वहां लोगो की भीड़ जुटने लगी। इस बीच हिम्मत जुटाकर कई छोटी वाहनें व दो पहिया वाहन पार हो रहे थे। और पुल धीरे धीरे दबता जा रहा था। इसी बीच एक अमन नामक यात्री बस पार हुई। और तरंत एक बाइक पार हो रही थी इसी बीच पुल धंस गई। इस बीच मोटर साईकिल सवार चपेट मेमा गया। हालांकि वह सुरक्षित निकलने मे कामयाब रहा पर गाड़ी फंस गई। बाद मे लोगो के सहयोग बाइक निकाली।
टंडवा की लाईफ लाईन माने जाने वाली गेरुआ पुल 90 के दशक मे बनाई गई थी। हालांकि जमीन समस्या आ जाने के कारण 94-95 मे आवागमन शुरु हुआ था। पुल का निर्माण बिहार वृज कॉरपोरेशन लिमिटेड के द्वारा लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से लगभग ढाई सौ फिट लंबी व चालिस फिट ऊंची पुल बनवाई गई थी। उस वक्त हजारी बाग जिला हुआ करता था। तीस साल पुरानी गेरुआ पुल का निर्माण टंडवा की छोटी आबादी को देखते हुए बनाया गया था। वर्ष 2004-5 मे भी पुल दब कर क्षतिग्रस्त हो गई थी। जिसे मरम्मत कर चलने योग बनाया गया था।
क्षमता से अधिक भार सहता रहा टंडवा का गेरुआ पुल
टंडवा मे एनटीपीसी और सीसीएल खुलते ही टंडवा की सड़कों पर वाहनों की भारी दौड़ शुरु हो गई। चाहे एनटीपीसी की भारी भरकम गाड़ियां हो या सीसीसीएल की कोयला लदी सड़कें सब के सब गेरुआ नदी मे बने कमजोर पुल का इस्तेमाल किया। जर्जर और कमजोर होने के बावजूद सबका का भार सहता रहा। और आज आखिर मे टंडवा की लाईफ लाईन गेरुआ पुल अपनी हिम्मत हार बैठी।