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- Chatra News There Will Be An Investigation Into Distribution Of Mosquito Nets To Public Representatives
जनप्रतिनिधियों के मच्छरदानी बांटने की जांच होगी
स्वास्थ्य विभाग से मच्छरदानी वितरण में भारी लापरवाही का मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग मच्छरदानी खुद बांटने के बजाय इसे थोक के भाव से नगर परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व वार्ड पार्षदों को दे दिया है। अब ये जनप्रतिनिधि मच्छरदानी का वितरण अपनी मर्जी से कर अपनी राजनीति चमका रहे हैं। आम लोग मच्छरदानी के लिए इनके घरों की परिक्रमा कर रहे हैं। वार्ड पार्षद लोगों को दाे चार दिनों तक सुबह शाम दौड़ाने के बाद मच्छरदानी दे रहे हैं। प्रतिनिधि मच्छरदानी का वितरण मुंह देखकर कर रहे हैं। मच्छरदानी के वितरण में नियम कानून का पालन नहीं किया जा रहा है। जिसकी जितनी बड़ी औकात उन्हें उतना मच्छरदानी मिल रहा है। किन्हीं को एक मच्छरदानी तो किन्हीं को दो चार छह तक मच्छरदानी दिया जा रहा है। जानकारी के अनुसार भारत सरकार स्वास्थ्य विभाग के द्वारा यह मच्छरदानी जिला अस्पताल को भेजा गया है। वर्ष 2016 में जहां-जहां मच्छरदानी का वितरण किया गया था। उन्हीं क्षेत्रों में इस मच्छरदानी का वितरण किया जा रहा है। सदर अस्पताल सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों को मच्छरदानी उपलब्ध कराया है। इसके बाद प्रभारी को वॉलेंटियर नियुक्त कर मच्छरदानी का वितरण कराना था। वॉलेंटियर को मच्छरदानी वितरण के लिए प्रति मच्छरदानी दस रुपए दिए जाएंगे। शहर में वॉलेंटियर से मच्छरदानी का वितरण नहीं कर मच्छरदानी को प्रतिनिधियों को सौंप दिया गया है। प्रतिनिधि अपने हिसाब से मच्छरदानी का वितरण कर रहें हैं।
मलेरिया विभाग के जिला वीवीडी कंसल्टेंट पदाधिकारी अभिमन्यु कुमार ने बताया कि प्रतिनिधियों को मच्छरदानी का वितरण नहीं करना है। गाइडलाइन में यह साफ निर्देश है कि जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में वॉलेंटियर या स्वास्थ्य कार्यकर्ता मच्छरदानी का वितरण करेंगे। अगर ऐसा नहीं किया जा रहा तो इसकी जांच कराई जाएगी।