--Advertisement--

भूख से मौत साधारण बात नहीं, संवेदनहीन है सरकार

आदिम जनजाति राजेंद्र बिरहोर की भूख से हुई मौत को लेकर वाम दलों ने मंगलवार को प्रखंड मुख्यालय मांडू के समक्ष एक...

Dainik Bhaskar

Aug 01, 2018, 03:30 AM IST
भूख से मौत साधारण बात नहीं, संवेदनहीन है सरकार
आदिम जनजाति राजेंद्र बिरहोर की भूख से हुई मौत को लेकर वाम दलों ने मंगलवार को प्रखंड मुख्यालय मांडू के समक्ष एक दिवसीय धरना दिया। मौके पर वक्ताओं ने राजेंद्र बिरहोर की मौत को राज्य सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया। कहा कि भूख से मौत होना कोई साधारण मौत नहीं है। जब जब भूख से किसी गरीब व लाचार व्यक्ति की मौत होगी, वाम दल एकजुट होकर सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करने को बाध्य होंगे। वक्ताओं ने कहा कि नावाडीह के जरहैया टोला में 25 जुलाई को राजेंद्र बिरहोर की मौत के बाद वाम दल के लोग मृतक के घर गये थे। उसके घर में अनाज का एक दाना नहीं मिला। अधिकारियों ने मृतक के आश्रित को बहला फुसलाकर एक सादे कागज में उनका अंगूठा ले कर राजेंद्र की मौत को बीमारी का नाम दे दिया। धरना को महेंद्र पाठक, मंगल ओहदार, मिथलेश सिंह, भुवनेश्वर बेदिया, देवकी नंदन बेदिया, लाली बेदिया, नेमन यादव, कुलेश्वर साव, क्यूम मलिक, विनय झा, संतोष कुमार, बसंत कुमार, प्रयाग महतो, सुरेंद्र घटवार, जयनंदन गोप, रामवृक्ष बेदिया समेत अनेक लोगों ने संबोधित किया। पश्चात इसके सात सूत्री मांग पत्र मुख्यमंत्री के नाम बीडीओ मनोज कुमार गुप्ता को सौंपा। कार्यक्रम की अध्यक्षता व संचालन सीपीआई के महेंद्र पाठक ने किया।

एन-एच 33 पर रैली निकाल कर भूख से मौत मामले में विरोध जताते कार्यकर्ता।

सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने एनएच 33 पर निकाली रैली

राजेंद्र बिरहोर के मौत के विरोध में वाम दलों के सैकड़ों कार्यकर्ता मांडू डीह के अंचल कार्यालय से एनएच 33 में एक रैली निकाली। जिसमें लोगों ने लाल झंडा व बैनर लेकर पैदल तीन किलोमीटर दूर प्रखंड मुख्यालय पहुंचे। रैली के दौरान लोगों ने भूख से हुई मौत राजेंद्र के विरोध में राज्य सरकार के साथ साथ प्रखंड व जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारा लगाया।

X
भूख से मौत साधारण बात नहीं, संवेदनहीन है सरकार
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..