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प्रदूषण फैलाने की शिकायत के बाद बंद कराए जाएंगे आनंदिता, आलोक और मां छिन्नमस्तिका स्पंज प्लांट

छत्तरमांडू स्थित समाहरणालय सभागार में सोमवार को माइनिंग टास्क फोर्स की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता डीसी राजेश्वरी...

Dainik Bhaskar

Jul 17, 2018, 03:40 AM IST
प्रदूषण फैलाने की शिकायत के बाद बंद कराए जाएंगे आनंदिता, आलोक और मां छिन्नमस्तिका स्पंज प्लांट
छत्तरमांडू स्थित समाहरणालय सभागार में सोमवार को माइनिंग टास्क फोर्स की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता डीसी राजेश्वरी बी ने की। इस दौरान जिलास्तरीय टास्क फोर्स की ढीली कार्यशैली पर नाराजगी दिखाई। कहा कि जिला में किसी भी कीमत पर अवैध माइनिंग नहीं चलने दिया जाएगा। टास्क फोर्स को 15 दिनों का शिड्यूल तैयार कर कार्रवाई का निर्देश दिया। साथ ही जिला का प्रतिवेदन सौंपने की बात कही।

इसमें लापरवाही बरतने वालों को कार्रवाई की चेतावनी दी। प्रदूषण फैलाने की लगातार मिल रही शिकायत पर आनंदिता, आलोक स्टील और मां छिन्नमस्तिका स्पंज प्लांट को बंद करने का निर्देश पदाधिकारियों को दिया। मौके पर अपर समाहर्ता विजय गुप्ता, एसडीओ अनंत कुमार, जनसंपर्क पदाधिकारी माकिरण मुंडा, डीटीओ संजीव कुमार, कार्यपालक दंडाधिकारी मोनिका रोनी टूटी, सीओ रितेश जायसवाल आदि मौजूद थे।

पर्यावरण प्रदूषण की बैठक के दौरान डीसी ने हजारीबाग से आए प्रदूषण विभाग के वरीय अधिकारी की जमकर खबर ली। कहा कि अब तक कितने इंडस्ट्रीज प्लांटों में प्रदूषण जांचा है। इसके बाद कितने इंडस्ट्रीज पर कार्रवाई की। इस पर प्रदूषण विभाग के पदाधिकारी ने प्रदूषण विभाग को रिपोर्ट करने की जानकारी दी। डीसी ने कहा कि केवल विभाग को रिपोर्ट भेजने से काम नहीं चलेगा। जिला को भी जांच प्रतिवेदन की रिपोर्ट भेजें अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहे। इसके बाद प्रदूषण विभाग के पदाधिकारी ने जिला को भी रिपोर्ट जल्द भेजने की बात कही।

बैठक में अनुपस्थित रहने वालों का वेतन रोकें

जिलास्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में कम ही पदाधिकारी पहुंचे थे। इस पर डीसी खासी नाराज दिखी। उन्होंने बिना कारण बताए अनुपस्थित रहने वाले पदाधिकारियों का वेतन स्थगित करने का निर्देश दिया। साथ ही आगे की बैठक में उपस्थित नहीं रहने पर कठोर कार्रवाई की बात कही। वहीं औद्योगिक क्षेत्र के प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति पर संबंधित विभाग को कार्रवाई के लिए पत्र लिखने का निर्देश दिया।

सीसीएल के कनीय अधिकारियों को लौटाया

जिला की बैठक में औद्योगिक क्षेत्र के जीएम हमेशा बिना अधिकृत किए कनीय पदाधिकारी को भेज देते हैं। इस कारण सोमवार को माइनिंग टास्क फोर्स की बैठक में शामिल होने आए सीसीएल के एक कनीय पदाधिकारी को डीसी ने बैठक से वापस भेज दिया। इससे पूर्व उन्होंने जीएम के नहीं आने का कारण पूछा। इसके बाद बैठक में शामिल होने के लिए संबंधित जीएम का अधिकृत पत्र दिखाने को कहा। जीएम का पत्र नहीं दिखाने पर बैठक से वापस भेज दिया।

जिलास्तरीय माइनिंग टास्क फोर्स की बैठक में मौजूद डीसी और अन्य।

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