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रैयतों ने मांगी नौकरी, पुंडी परियोजना का काम किया ठप

भूमि के बदले नौकरी व मुआवजा की मांग को लेकर भाकपा के बैनर तले शनिवार को रैयतों ने सीसीएल की पुंडी परियोजना का कार्य...

Danik Bhaskar | Jul 08, 2018, 03:40 AM IST
भूमि के बदले नौकरी व मुआवजा की मांग को लेकर भाकपा के बैनर तले शनिवार को रैयतों ने सीसीएल की पुंडी परियोजना का कार्य ठप कराते हुए अनिश्चितकालीन धरने में बैठ गए। मौके पर भाकपा के पूर्व सांसद भुनेश्वर मेहता ने कहा कि बीते 12 वर्षों से सीसीएल कंपनी सलामत हुसैन व जैनब प्रवीण की भूमि पर लगातार कार्य कर रही है। वर्ष 2008 में सीसीएल कंपनी ने वार्ता के दौरान भूमि सत्यापन उपायुक्त से कराने के बाद नौकरी व मुआवजा देने की बात कही थी।

वहीं रैयतों ने उपायुक्त से वर्ष 2011 में भूमि का सत्यापन करवाकर पुंडी परियोजना के कार्यालय में जमा किया। इसके बावजूद भी सीसीएल रैयतों को नौकरी व मुआवजा देने में आनाकानी कर रही है। मेहता ने कहा कि जब तक सीसीएल रैयतों को नौकरी व मुआवजा नहीं देती है, तब तक पुंडी परियोजना का कार्य ठप रहेगा। इधर समाचार लिखे जाने तक सीसीएल पुंडी परियोजना का उत्पादन कार्य जारी था। लेकिन रैयत अपनी भूमि पर सीसीएल को कार्य करने नहीं देने पर डटे हुए थे। बंद को लेकर इंस्पेक्टर कमलेश पासवान, थाना प्रभारी मांडू विद्यावती ओहदार, घाटो ओपी प्रभारी रामेश्वर भगत, कुजू ओपी प्रभारी संतोष कुमार गुप्ता रैयतों से बातचीत की। लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया। धरने में मुख्य रूप से भाकपा जिला अध्यक्ष महेंद्र पाठक, प्रखंड सचिव क्यूम मल्लिक, नेमन यादव, मो कलीम अंसारी, सरफराज हुसैन, शहनसा खान, मुमताज अंसारी, अतहर अंसारी समेत काफी संख्या में रैयत व भाकपा के लोग शामिल थे।

रैयतों से बातचीत करते पुलिस निरीक्षक व थाना प्रभारी।

स्वीकृति मिलने पर रैयत को दिया जाएगा नौकरी व मुआवजाः पीओ

इस संबंध में पुंडी परियोजना पदाधिकारी संजीव कुमार से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि रैयत के कागजातों को सीसीएल मुख्यालय को भेजा गया है। मुख्यालय से स्वीकृति मिलने पर रैयत को नौकरी व मुआवजा दिया जाएगा।

धरने पर बैठे पूर्व सांसद भुनेश्वर मेहता व अन्य।