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टोरी स्टेशन पर समस्याओं को ले माकपा ने दिया धरना

टोरी स्टेशन परिसर में धरना पर बैठे माकपा कार्यकर्ताओं से वार्ता करते अधिकारी। चंदवा | बरकाकाना-बरवाडीह रेलखंड...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 03:10 AM IST
टोरी स्टेशन परिसर में धरना पर बैठे माकपा कार्यकर्ताओं से वार्ता करते अधिकारी।

चंदवा | बरकाकाना-बरवाडीह रेलखंड के टोरी जंक्शन रेलवे स्टेशन परिसर में माकपा के बैनर तले विभिन्न जनसमस्याओं, यात्री सुविधाओं व रेल सेवा को लेकर शनिवार को महाधरना दिया गया। धरना की अध्यक्षता निरंजन ठाकुर ने की, जबकि संचालन ग्राम प्रधान व पार्टी नेता पचु गंझु ने किया। महाधरना को संबोधित करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता अयूब खान ने कहा कि बरकाकाना-टोरी रेलमार्ग पर एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेन के अलावा गुड्स ट्रेनों का परिचालन अनवरत होता रहता है। एनएच 99 पथ पर क्रॉसिंग होने के कारण इस रूट से बिहार के पटना, छत्तीसगढ़, रांची, हजारीबाग, चतरा, गुमला, मेदिनीनगर, लोहरदगा और लातेहार सहित कई जिलों के लिए प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं, जिससे टोरी रेलवे क्रॉसिंग 24 घंटा में 18-19 घंटा बंद रहता है। इससे हमेशा जाम लगा रहता है। इससे आम जनता काफी त्रस्त हैं। आए दिन दुर्घटनाएं भी घट रही हैं।

जिला सचिव सुरेंद्र सिंह ने कहा कि रांची-लोहरदगा भाया टोरी तक प्रतिदिन दो फेरा पैसेंजर ट्रेन नहीं चलने तथा इस रेल रूट पर एक्सप्रेस ट्रेन का परिचालन नहीं होने से चंदवा क्षेत्रवासी अपने आपको ठगा महसूस कर रहे हैं। ओवरब्रिज नहीं होने व फुट ओवरब्रिज का विस्तार नहीं किए जाने से लोगों को स्टेशन व बाजार आने-जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बरकाकाना से लेकर डालटनगंज तक के रेलवे स्टेशनों से टोरी जंक्शन राजस्व के मामले में सबसे अव्वल है। बावजूद इसके एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव टोरी में न किया जाना क्षेत्र के लोगों की घोर उपेक्षा है। धरना स्थल पर स्टेशन अधीक्षक अशोक कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर व थाना प्रभारी सह पुलिस इंस्पेक्टर कमलेश्वर पांडेय पहुंचे व आंदोलनकारियों से वार्ता की। माकपा कार्यकर्ताओं ने उपरोक्त अधिकारियों को मांगपत्र सौंपा, जिसपर अधिकारियों ने उनकी मांगों से उच्चाधिकारियों को अवगत कराने का आश्वासन दिया तथा धरना समाप्त खत्म करने का आग्रह किया, जिसके बाद धरना समाप्त हो गया। धरना में फहमीदा बीबी, आशा देवी, कशीरन बीबी, डोमनी देवी, धनिया देवी, बासो देवी, राजेश उरांव, बरन गंझु, प्रदीप, छतरू उरांव, रविन्द्र उरांव, संदीप कुमार, रिझु उरांव, संतोष उरांव, मने उरांव, छटना उरांव, धनेश्वर उरांव, सुधन गंझु, लुंदर गंझु, सुलेंद्र भोगता, सनिका मुंडा, बादशाह खान, नंदलाल ठाकुर सहित कई महिला-पुरुष मौजूद थे।