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नौकरी छोड़ी, अब घर पर करेंगे गरीबों का फ्री में इलाज

एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्र की तमन्ना होती है कि वह देश के बड़े से बड़े अस्पताल में काम करे, लेकिन इससे...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 25, 2018, 03:20 AM IST

नौकरी छोड़ी, अब घर पर करेंगे गरीबों का फ्री में इलाज
एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्र की तमन्ना होती है कि वह देश के बड़े से बड़े अस्पताल में काम करे, लेकिन इससे इतर पलामू का युवा डॉ. रोहित कुमार पांडेय ने अपने इलाके की सेवा करने की ठानी। वे एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद नई दिल्ली के राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल की नौकरी ठुकराकर पलामू लौटे हैं और आगे गरीबों की सेवा करना चाहते हैं। वे कहते हैं कि उन्होंने जब अपने पिता से इस बात की चर्चा की तो उसके पिता पहले आवाक रह गए फिर प्रसन्न हुए। डॉक्टर रोहित कुमार पांडे ने कहा कि वे प्रतिदिन 10 मरीजों का नि:शुल्क इलाज करेंगे। 25 जून से वे आबादगंज स्थित अपने घर से मरीजों का इलाज करेंगे। ऐसा वे हेल्थ केयर एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के माध्यम से अपने सेवा कार्य को शुरू करना चाहते हैं।

डॉ. रोहित कुमार पांडे ने बताया कि वे चाहते तो देश के किसी भी बड़े महानगर में बड़े ही आराम से रहकर किसी बड़े हॉस्पिटल में बड़ी सैलरी पाते। लेकिन उनकी इच्छा हमेशा से यह रही है कि जहां में पले-बढ़े हैं उस मिट्टी के लिए कुछ करें। वे बताते हैं कि सेक्रेड हार्ट व डीएवी स्कूल से पढ़ाई पूरी करने के बाद जब वह एमबीबीएस के लिए घर से बाहर गए, तभी सोच लिया था कि जब भी पढ़ाई पूरी करेंगे पलामू में अपनी सेवा देंंगे। मगर उन्हें डर था उनके पिता उन्हें ऐसा करने देंगे या नहीं। जब उन्होंने अपने पिता से इस बात की चर्चा की। तब उनके पिता उनकी भावना को समझ कर मान गए।

उल्लेखनीय है कि डॉ रोहित पांडे के पिता रजनीकांत पांडे आपूर्ति विभाग में कार्यरत रहे हैं। उनके कार्यकाल का काफी लंबा समय पलामू में बीता है। यही वजह को पलामू में अपना घर भी बना लिया है। अपने हंसमुख स्वभाव से वे काफी लोकप्रिय अधिकारी के रूप में रहे हैं। पांडे ने बताया कि उनके पुत्र ने जब उन्हें बताया कि वे पलामू में रह कर गरीबों का सेवा करना चाहता हैं। उनका नि:शुल्क इलाज करना चाहता है। तब वे पहले तो किंकर्तव्यविमूढ़ हो गए। बाद में बहुत सोचने पर उन्होंने इसकी सहमति दे दी।

मिसाल

नई दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में थे डॉक्टर, अब घर से करेंगे प्रतिदिन 10 लोगों का फ्री इलाज

मेदिनीनगर में डॉ. रोहित व उनके पिता।

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