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प्राचार्य कक्ष में पहुंचा नीतीश कुमार पांडे उत्तर पुस्तिका मांगने लगा

बीबीए पार्ट थ्री की परीक्षा से निष्कासित छात्र नीतीश कुमार पांडे ने जीएलए कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आईजी खलखो का हाथ...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 03:30 AM IST

प्राचार्य कक्ष में पहुंचा नीतीश कुमार पांडे 
उत्तर पुस्तिका मांगने लगा
बीबीए पार्ट थ्री की परीक्षा से निष्कासित छात्र नीतीश कुमार पांडे ने जीएलए कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आईजी खलखो का हाथ पकड़कर कुर्सी पर पटक दिया और उनके साथ हाथापाई भी की। इससे प्राचार्य हतप्रभ हो गए। घटना गुरुवार पार्ट थ्री प्रथम पाली की परीक्षा के दौरान हुई। जेएस कॉलेज व महिला महाविद्यालय की परीक्षा का सेंटर जीएलए कॉलेज में था। परीक्षा शुरू हुई तो थोड़ी देर के बाद उड़नदस्ता की टीम ने जीएलए कॉलेज का निरीक्षण किया। जब टीम रूम नंबर 7 में पहुंची तो नकल करते हुए 5 छात्र पकड़े गए।

सभी छात्रों की उत्तर पुस्तिका छीन कर उन्हें परीक्षा से निष्कासित कर दिया गया। उत्तर पुस्तिका छीनने के बाद उसे प्राचार्य कक्ष में रख दिया गया। लेकिन जब उड़नदस्ता की टीम चली गई तो बीबीए का छात्र नीतीश कुमार पांडे प्राचार्य कक्ष में पहुंच गया और वहां उपस्थित शिक्षकों से बहस करने लगा कि सिर्फ हम ही चोरी नहीं कर रहे थे, सभी चोरी कर रहे हैं। उन लोगों को क्यों नहीं पकड़ा जा रहा है। इस पर प्राचार्य ने कहा कि आपको उड़नदस्ता की टीम के द्वारा पकड़ा गया है। इस पर उसने कहा कि आप ही प्राचार्य हैं और यह कहते हुए प्राचार्य की कुर्सी के पास खड़ा हो गया। उसके बाद वह प्राचार्य डॉक्टर आईजी खलखो से धक्का-मुक्की करने लगा।

धक्का-मुक्की के दौरान उसने प्राचार्य आईजी खलखो की बांह पकड़ कर कुर्सी पर पटक दिया। इसके बाद वहां उपस्थित शिक्षकों व कर्मियों ने छात्र को पकड़ लिया। पकड़ने के बाद इस घटना की सूचना शहर थाना को दी गई। शहर थाना की पुलिस जब आई तो नीतीश कुमार पांडे को हिरासत में ले लिया गया है तथा पुलिस उसे शहर थाना ले गई है।

बीबीए पार्ट थ्री परीक्षा से निष्कासित विद्यार्थी ने जीएलए कॉलेज के प्राचार्य को कुर्सी से पटका

मेदिनीनगर में हंगामा करते छात्र को समझाते प्राचार्य आईजे खलखो।

दूसरी पाली में छात्रों का हंगामा 45 मिनट लेट से शुरू हुई परीक्षा

जीएलए कॉलेज के परीक्षा केंद्र पर द्वितीय पाली में छात्रों द्वारा जमकर हंगामा किया। हंगामा के कारण द्वितीय पाली की परीक्षा आधे 45 मिनट लेट से शुरू हुई । छात्रों ने बताया कि किसी भी छात्र की सीट प्लान तैयार नहीं की गई थी। किसी छात्र को पता ही नहीं चल रहा था कि किस छात्र को कहां बैठना है। जिसके कारण अफरा-तफरी का माहौल रहा, जो छात्र शिक्षक से पूछ रहे थे। वह किसी को रूम का नंबर बता दे रहे थे कि जाओ वहां जाकर बैठ जाओ। परंतु किसी भी छात्रों की सब्जेक्ट वाइज रोल सीट सटी हुई नहीं थी।इस कारण छात्रों ने जमकर बवाल काटा। नारेबाजी की। बाद में अतिरिक्त समय दिए जाने के आश्वासन पर छात्र शांत हुए। प्राचार्य खलको ने बताया कि परीक्षा में अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया था। सीट प्लान सही नहीं थी। इस कारण 45 मिनट का समय दिया गया है।

परीक्षा खत्म होने के बाद प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी-प्राचार्य

जीएलए कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आई जे खलखो ने बताया कि वह छात्र उड़नदस्ता की टीम के द्वारा पकड़े जाने के कारण गुस्सा में था। जब उड़नदस्ता की टीम चली गई तो मेरे साथ आकर प्राचार्य कक्ष में धक्का-मुक्की करने लगा। उसके बाद हमने इसकी सूचना शहर थाना को दी। शहर थाना द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया गया है। परीक्षा खत्म होने के बाद उस पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।

किन-किन विषयों की थी परीक्षा

गुरुवार को द्वितीय पाली में इकोनॉमिक्स, हिस्ट्री, एंथ्रोपोलॉजी, होम साइंस, फिलॉस्फी, संस्कृत, सोशियोलॉजी, उर्दू, खोरठा, कुड़ुख तथा हिंदी प्रतिष्ठा की परीक्षा ली जा रही थी।

प्रबंधन की गलती से जिंदगी हो रही बर्बाद

विभव कुमार राम व निशांत कुमार ने कहा कि अब हम लोग एग्जाम कैसे लिखेंगे। इतने कम समय में हम लोग कैसे परीक्षा दे पाएंगे। कॉलेज प्रबंधन की गलती के कारण मेरी जिंदगी बर्बाद हो रही है।

घटना के बाद जीएलस कॉलेज में पहुंची पुलिस।

एक छात्रा की तबीयत बिगड़ी

महिला महाविद्यालय की छात्रा वंदना कुमारी की तबीयत अत्यधिक गर्मी के कारण बिगड़ गई। तबीयत बिगड़ने के कारण उसकी छोटी बहन ज्योति को फोन कर बुलाया गया। जब वह आई तो अपनी बहन के लिए ग्लूकोज और पानी की बोतल लेकर रूम नंबर 30 के बाहर बैठी हुई थी ।

नहीं थी पानी की व्यवस्था

परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देने आए छात्रों के लिए पीने का पानी उपलब्ध नहीं था। किसी कमरे के बाहर न तो घड़ा रखा गया था और न ही ग्लूकोज की व्यवस्था की गई थी। जबकि यह नियम है कि परीक्षा के दौरान पानी व घड़ा की व्यवस्था करनी चाहिए। परंतु जीएलए कॉलेज के किसी भी कमरा में पानी की व्यवस्था नहीं थी। परीक्षा हॉल के किसी भी कमरे का फैन नहीं चल रहा था। इससे परीक्षार्थी व वीक्षक दोनों परेशान थे।

दो छात्रों को परीक्षा प्रारंभ होने के बाद भी नहीं मिला प्रवेश पत्र

जीएलए कॉलेज के 2 विद्यार्थी विभव कुमार राम व निशांत कुमार को परीक्षा शुरू होने के 1 घंटे के बाद भी प्रवेश पत्र नहीं मिल पाया था। यह दोनों छात्र जीएलए कॉलेज में दोपहर 3 बजे तक प्राचार्य से अपना एप्लीकेशन फॉरवर्ड कराने के लिए खड़े थे। 3 बजे जब प्राचार्य के द्वारा उसका एप्लीकेशन फॉरवर्ड किया गया, तो वह दौड़े-दौड़े गेट के बाहर निकला व सब से मिन्नत कर रहा था कि अब हम कैसे एग्जाम देंगे। क्योंकि यहां से जेएस कॉलेज जाने में उसको करीब एक घंटे का वक्त लगेगा।

परीक्षा में घट गए प्रश्न-पत्र : परीक्षा के दौरान हिस्ट्री ऑनर्स का प्रश्न-पत्र ही घट गया। इससे छात्रों द्वारा हंगामा किया जा रहा था । उस कमरे में शिक्षक का कार्य कर रहे शिक्षक ने जब प्राचार्य को बताया तो प्राचार्य ने कहा कि आज किसी तरह उन लोगों को एडजस्ट कर दीजिए। कल से हम लोगों को सारी व्यवस्था पहले ही कर लेनी होगी।

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