--Advertisement--

खनन, आवास और शौचालय निर्माण की होगी जांच

Medininagar News - झारखंड विधान सभा की लोक लेखा समिति ने गुरुवार को परिसदन में जिले के कई विभागों की समीक्षा की। समिति सदस्य...

Dainik Bhaskar

Jun 29, 2018, 03:35 AM IST
खनन, आवास और शौचालय निर्माण की होगी जांच
झारखंड विधान सभा की लोक लेखा समिति ने गुरुवार को परिसदन में जिले के कई विभागों की समीक्षा की। समिति सदस्य राधाकृष्ण किशोर व विमला प्रधान ने समीक्षा के दौरान कई निर्णय लिए और कई मामलों की जांच के आदेश दिए हैं। बैठक में कठौतिया कोल माइंस हिंडाल्को के द्वारा कोयले के खनन में भारत सरकार के कोयला मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देश का अनुपालन सुनिश्चित नहीं करने की शिकायत पर एक जांच टीम का गठन किया गया है। जांच टीम में डीडीसी, जिला खनन पदाधिकारी व डीएसपी को शामिल किया गया है। जांच टीम को 15 दिन में प्रतिवेदन लोक लेखा समिति को सौंपने का निर्देश दिया गया है।

खनन प्रक्रिया पर सवाल उठाए : बैठक में लोक लेखा समिति के द्वारा यह भी निर्णय लिया गया कि हिंडाल्को जिस सड़क का उपयोग कोयला परिवहन के लिए फिलहाल कर रहा है वह प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से बनी है। इस कारण कई गांवों के ग्रामीणों को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क सिंगल होने के कारण पाल्हेकाला गड़ेरिया डीह समेत एक दर्जन गांवों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोक लेखा समिति में निर्देश दिया है कि हिंडाल्को परिवहन के लिहाज से या तो सड़क को चौड़ी कर दे या फिर अपनी अलग सड़क बनाकर परिवहन करें। खनन विभाग के डायरेक्टर अरुण कुमार ने बताया कि हिंडाल्को के द्वारा मानदंड का अनुपालन नहीं किया गया है, जिस कारण कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।

समिति के सामने आए दो मामले : लोक लेखा समिति के समक्ष दो ऐसे मामले आए जिस से यह प्रतीत होता है कि हिंडाल्को प्रबंधन आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में नहीं रख कर उन्हें जानबूझकर प्रताड़ित कर रहा है। जिस पर समिति ने विस्तार से चर्चा की। चंदन बिगहा जगन्नाथ पासवान ने समिति को बताया कि वह अपने तीन भाइयों के साथ गांव में रह रहा है। मगर उसके घर के तीनों तरफ खनन की मिट्टी का पहाड़ बना दिया गया है। बरसात के दिनों में मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। वहां पीने का पानी नहीं है। उसकी जमीन को हिंडाल्को नहीं ले रहा है। वहीं कजरी के बसंत सिंह के आवेदन पर जांच करते हुए लोक लेखा समिति ने कहा कि रैयती जमीन में मिट्टी डंप करना उचित नहीं है।

16 एकड़ की जमीन पर मिट्टी डंप कर दिया गया है। डिप्टी डायरेक्टर अरुण कुमार ने बताया कि लोक लेखा समिति को मानदंड के अनुरूप कठौतिया कोल माइंस क्षेत्र के इन परिवारों की शिक्षा, स्वास्थ्य,पेयजल आदि की व्यवस्था भी करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। ऐसी स्थिति में पूरे मामले की जांच जरूरी है। जिस पर तत्काल लोक लेखा समिति ने 3 सदस्यीय टीम गठित कर जांच के आदेश दिए हैं।

जांच कमेटी यह भी तय करेगी कि 384 एकड़ भूमि जो सर्वोच्च न्यायालय निर्णय के आलोक में जहां अभी खनन नहीं किया जाना है, वहां खनन हो रहा है या नहीं। डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड ट्रस्ट के खाते में आठ करोड़ 47 लाख रुपए पड़े हैं। जिसे खर्च नहीं किया जा सका है जबकि उस राशि को खनन क्षेत्र में जनहित में खर्च किए जाने थे। इस पर समिति ने चिंता व्यक्त की। समिति का सुझाव आया कि इस राशि को खनन क्षेत्र में उपयोग किया जाएगा। जहां शौचालय बना है वहां पर एक चापाकल लगा दिया जाए तो शौचालय का उपयोग ठीक से होने लगेगा। पानी की किल्लत नहीं रहेगी।

मेदिनीनगर में लोकलेखा समिति की बैठक मे ंशामिल अधिकारी।

प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा

प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान लोक लेखा समिति ने पाया कि 3 वित्तीय वर्ष में पचास हजार आवास निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई थी। जिसमें अभी तक मात्र 10450 प्रधानमंत्री आवास योजना ही पूरा हुआ है। इस पर समिति ने काफी चिंता व्यक्त की और इस दिशा में सकारात्मक पहल करने का निर्देश जिला प्रशासन को दिया है। बैठक में लोक लेखा समिति के चेयरमैन सह भाजपा विधायक राधा कृष्ण किशोर ने इस पर असंतोष व्यक्त किया।

शिक्षा विभाग की भी हुई समीक्षा

समिति ने शिक्षा विभाग की भी समीक्षा की। समीक्षा के दौरान समिति ने इस तथ्य को रखा कि जिन विद्यालयों को मर्ज किया जा रहा है। उस पर जिला स्तर से एक बार पुनः जांच कराना जरूरी है। विद्यालय मर्ज ना करें क्योंकि पलामू में उग्रवाद है, पिछड़ेपन है सामाजिक स्थिति ठीक नहीं है। ऐसे में सुदूरवर्ती नक्सल प्रभावित गांव में स्कूल बंद किया जाना बेहद खतरनाक निर्णय हो सकता है। समिति ने समिति ने स्पष्ट किया कि नौडीहा का पालेकर्मा व कोदवाडीह समेत कई ऐसे गांव हैं जहां उग्रवाद का बोलबाला है। ऐसे में अगर बच्चे कम भी हैं तो भी विद्यालय को बंद नहीं किया जाए। समिति सदस्यों ने कहा कि जहां विकास की गति को तेज करना है उस जिला में जब हम जब स्कूल बंद करने का निर्णय लेंगे तो प्रभावित क्षेत्र के बच्चे स्कूली शिक्षा से वंचित हो जाएंगे। ऐसे में जिला स्तर से गंभीरता से जांच कर ही कुछ निर्णय लेना चाहिए। समिति द्वारा यहां तक कहा गया कि अगर 10 छात्र ही विद्यालय में है। तब भी स्कूल को बंद नहीं किया जाना चाहिए। यह जनहित में नहीं है क्योंकि सरकार उग्रवाद खत्म करना चाह रही है और जब विद्यालय बंद होगा तो इसके खतरनाक परिणाम सामने मिलेंगे।

शौचालय निर्माण की भी हुई समीक्षा

लोक लेखा समिति ने 16 17 17 18 18 19 में बनाए गए शौचालय निर्माण की भी स्थिति की समीक्षा की गई समीक्षा के दौरान कई तथ्य सामने आए। समिति ने स्पष्ट किया कि दौरा के क्रम में पाटन व गढ़वा के कुछ गांव में भौतिक सत्यापन किया गया तब यह देखा गया कि शौचालय का उपयोग ग्रामीण इसलिए नहीं कर रहे हैं कि वहां पर पेयजल का अभाव है, ऐसे में शौचालय के साथ-साथ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने इसके लिए वैकल्पिक हल निकालने का निर्देश दिया। नौडीहा का नाम उदा गांव ओडीएफ कर दिया गया है मगर आज भी वहां यह स्थिति नहीं बनी है ऐसे में नाम के लिए ओडीएफ किया जाना ठीक नहीं है समिति ने गुरुवार को शाम 5:00 बजे नाम उदा का भौतिक नाम उदास भौतिक सत्यापन किया जहां स्थित है ठीक नहीं मिले। लोक लेखा समिति के अध्यक्ष राधाकृष्ण किशोर सदस्य विमला प्रधान प्रधान ने समीक्षा के दौरान कई सुझाव भी दिए और कई कमेटी गठित की।

X
खनन, आवास और शौचालय निर्माण की होगी जांच
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..