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चालू हुई ही नहीं सीटी स्कैन मशीन कैसे किया Rs.1.68 करोड़ का भुगतान

विधानसभा की लोकलेखा समिति ने महालेखाकार की आपत्ति के बाद मेदिनीनगर में विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। परिसदन में...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 30, 2018, 03:35 AM IST

विधानसभा की लोकलेखा समिति ने महालेखाकार की आपत्ति के बाद मेदिनीनगर में विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। परिसदन में समीक्षा के दौरान सदर अस्पताल में 2006 में खरीदे गए इंसुलेटर व सीटी स्कैन मशीन की उपयोगिता पर सवाल उठाए। समिति ने सीएस से पूछा कि इंसुलेटर 2011 के बाद नहीं चला, जबकि उसकी खरीद में लाखों रुपए खर्च किए गए।

इसी तरह सीटी स्कैन मशीन 2008 में इंस्टाल किया गया, मगर उसका प्रयोग एक दिन भी नहीं हुआ। बावजूद इसके चंडीगढ़ की कंपनी मेसर्स रिकॉर्ड एंड मेडिकेयर को 1 करोड़ 68 लाख का भुगतान कर दिया गया। ऐसा क्यों हुआ? सीएस कलानंद मिश्र ने बताया कि इंसुलेटर 100 केवीए का ट्रांसफार्मर नहीं लगाए जाने के कारण एक साल बाद 2007 में चालू की गई। चार साल बाद यह खराब हुई। सीटी स्कैन के संबंध में सीएस ने कहा कि राशि का भुगतान सचिव के आदेश से किया गया। सत्यापन करने वालों में रिम्स के दो चिकित्सक डॉ. चंद्रमोहन व डॉ. सतेन्द्र कुमार सिंह भी थे।

समिति सदस्यों ने कहा कि चंडीगढ़ की कंपनी से समझौता हुआ था कि एक वर्ष तक मेंटेनेंस का काम संबंधित कंपनी के कर्मी ही देखेंगे उसका भी उल्लंघन हुआ है। समिति के सदस्य सह झारखंड विधानसभा के मुख्य सचेतक राधा कृष्ण किशोर ने सिविल सर्जन को इस संबंध में स्पष्ट किया की सरकारी राशि का इस तरह से दुरुपयोग ठीक नहीं है। समिति की अगली बैठक रांची विधानसभा में होगी, तब आपको बुलाया जाएगा। उस बैठक में स्वास्थ्य सचिव, डिप्टी डायरेक्टर हेल्थ, नीलाम पत्र पदाधिकारी व पलामू एसपी को भी बुलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बाबत शहर थाना में 2017 में प्राथमिकी दर्ज करायी गई है। बावजूद इसके कोई प्रगति नहीं हुई। सर्टिफिकेट केस भी हुआ। फिर भी कंपनी का कोई अता पता नहीं है।

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