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जिला स्कूल में शौचालय नहीं जबकि ओडीएफ घोषित है शहर

जिला स्कूल के छात्रावास की व्यवस्था अत्यंत दयनीय है। गांव के सुदूरवर्ती क्षेत्र के छात्र इस छात्रावास में रहकर...

Dainik Bhaskar

Jul 04, 2018, 03:35 AM IST
जिला स्कूल के छात्रावास की व्यवस्था अत्यंत दयनीय है। गांव के सुदूरवर्ती क्षेत्र के छात्र इस छात्रावास में रहकर अपनी पढ़ाई करते हैं। जिला स्कूल का छात्रावास काफी जर्जर स्थिति में है। छात्रावास में न तो पीने के पानी की व्यवस्था है न ही शौचालय की। जबकि यह छात्रावास डेढ़ सौ वर्ष पुराना है। जिला स्कूल की स्थापना 22 फरवरी 1877 को की गई थी। यह विद्यालय अंग्रेजों के जमाने से चला आ रहा है। स्कूल में शौचालय नहीं होना बहुत ही आश्चर्यजनक है। यहां पीने के पानी के लिए मात्र सप्लाई पानी पर निर्भर रहना पड़ता है। यहां इतने बड़े हॉस्टल में एक भी चापाकल नहीं है। एक भी शौचालय नहीं है। छात्रों ने बताया कि शौचालय के लिए आसपास के झाड़ियों में जाना पड़ता है, जबकि पूरे शहर को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है।

कितने कमरे हैं हॉस्टल में : जिला स्कूल के हॉस्टल में 14 कमरे हैं, जबकि इस में करीब 20 बच्चे रहते हैं। हॉस्टल की स्थिति अत्यंत ही खराब है, खिड़की और दरवाजा टूटे हुए हैं। इसे कोई देखने वाला नहीं है।

कहां से लाया जाता है पानी : पीने का पानी व अन्य कामों के लिए सप्लाई पानी पर निर्भर रहना पड़ता है। जब सप्लाई पानी नहीं आता है, तो हॉस्टल में रह रहे दिव्यांग बच्चे किसी तरह आधा किलोमीटर दूर से पानी लाकर अपनी जरूरत को पूरा करते हैं।

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