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न भवन बना, न मान्यता, इस सत्र से नहीं होगी मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई

प्रमंडल के एकमात्र मेडिकल कॉलेज में इस वर्ष भी पढ़ाई शुरू नहीं हो पाएगी। 173 करोड़ की लागत से बनने वाला मेडिकल कॉलेज...

Bhaskar News Network| Last Modified - Aug 01, 2018, 03:35 AM IST

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न भवन बना, न मान्यता, इस सत्र से नहीं होगी मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई
प्रमंडल के एकमात्र मेडिकल कॉलेज में इस वर्ष भी पढ़ाई शुरू नहीं हो पाएगी। 173 करोड़ की लागत से बनने वाला मेडिकल कॉलेज अभी तक पूर्ण नहीं हो पाया है। पढ़ाई इसी साल से शुरू होनी थी लेकिन अभी 50 प्रतिशत काम भी नहीं हो पाया है। नियम के मुताबिक मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया तभी मान्यता देता है जब अस्पताल में 300 बेड हो और कम से कम 21 डिपार्टमेंट हों।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री द्वारा बार-बार घोषणा की जा रही है कि इस वर्ष मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई शुरू हो जाएगी। इस मेडिकल कॉलेज के लिए पूर्व में 215 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई थी, परंतु जगह कम रहने के कारण इसके बजट को घटाकर 173 करोड़ कर दिया गया था। गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेजों में हो रही काउंसलिंग की प्रक्रिया भी धीरे-धीरे समाप्त होती जा रही है। परंतु डालटनगंज मेडिकल कॉलेज के लिए कोई सीट अलग से आवंटित नहीं की गई है, इसलिए इस वित्तीय वर्ष में मेडिकल कॉलेज की पढ़ाई संभव नहीं हो पाएगी।

मेदिनीनगर सदर अस्पताल।

पढ़ाई शुरू होने में क्या है तकनीकी व्यवधान

सूत्रों के अनुसार डालटनगंज मेडिकल कॉलेज को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता नहीं दी गई है। मान्यता के लिए मेडिकल कॉलेज के लिए 21 डिपार्टमेंट का चालू होना जरूरी है तथा साथ में 300 बेड का अस्पताल भी होना चाहिए। जबकि बन रहे मेडिकल महाविद्यालय में रोगियों की इलाज की व्यवस्था के लिए कोई बिल्डिंग नहीं बनाया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज की जगह सदर अस्पताल दिखाई जा रही है, जबकि सदर अस्पताल में मात्र 80 बेड ही लगा हुआ है।

19 महीने हो गए काम के, 750 मजदूर लगे हैं

मुंबई की कंपनी शापूरजी पालोनजी एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 173 करोड़ की लागत से मेडिकल महाविद्यालय बनाया जा रहा है। इस कंपनी के कोलकाता रीजन द्वारा यह महाविद्यालय तैयार किया जा रहा है। कंपनी द्वारा 27 दिसंबर 2016 को काम शुरू किया गया था। 19 महीनों में अभी तक मात्र 50 प्रतिशत ही काम हो पाया है। इस महाविद्यालय को बनाने के लिए कंपनी द्वारा 750 मजदूरों को लगाया गया है। कंपनी के कंस्ट्रक्शन मैनेजर भोला लाल दास ने बताया कि कंपनी द्वारा लोकल स्तर पर 34 सब कांट्रेक्टर को रखा गया है।

अर्धनिर्मित भवन।

अगले साल दाखिले के लिए विवि ने दिया एनओसी : वीसी

एनपीयू के वीसी डॉ एसएन सिंह ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के लिए पूर्व में सेशन 2018-19 की पढ़ाई के लिए स्वीकृति दी गई थी, परंतु पढ़ाई चालू नहीं हो सकी। पुन: मेडिकल महाविद्यालय के आग्रह पर सेशन 2019-20 के लिए विश्वविद्यालय द्वारा एनओसी दिया गया है।

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