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मानदेय बढ़ाने की मांग पर कृषक मित्रों की भूख हड़ताल शुरू

कृषक मित्रों द्वारा अपनी 6 सूत्री मांगों को लेकर कचहरी परिसर में भूख हड़ताल शुरू कर दिया गया। यह भूख हड़ताल में...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 10, 2018, 03:40 AM IST

मानदेय बढ़ाने की मांग पर कृषक मित्रों की भूख हड़ताल शुरू
कृषक मित्रों द्वारा अपनी 6 सूत्री मांगों को लेकर कचहरी परिसर में भूख हड़ताल शुरू कर दिया गया। यह भूख हड़ताल में मुख्य रूप से 21 लोग शामिल हैं। कृषक मित्र संघ के अध्यक्ष रंजन कुमार दुबे ने बताया कि जब तक हमारी मांगों पर जिला प्रशासन अथवा सरकार की ओर से कोई सार्थक पहल नहीं किया जाता है, तब तक हम लोग भूख हड़ताल पर रहेंगे। उन्होंने बताया कि कृषक मित्रों के 8 साल बीत जाने के बावजूद भी कृषक मित्रों को मात्र ₹16 प्रतिदिन दिया जाता है और 24 घंटे काम लिया जाता है।

रंजन कुमार दुबे ने बताया कि कृषक मित्रों के माध्यम से सरकार कृषि बीमा, बीज वितरण, मिट्टी जांच यह सभी कार्य कृषक मित्रों से लिया जाता है। कृषक मित्रों से किसान कल्याण अभियान, प्रखंड कृषि चौपाल, प्रधानमंत्री कृषि योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, राइस फेलो सहित अन्य कार्य कराए जाते हैं। फिर भी कृषक मित्रों पर ध्यान नहीं दिया जाता है। जिला उपाध्यक्ष कृष्णा बैठा ने कहा कि कृषक मित्रों के दिन रात काम करने का ही नतीजा है कि झारखंड का देश का शत-प्रतिशत बीमा करने वाला पहला राज्य बन गया। कृषक मित्रों द्वारा 6 मांगे रखी गई है, जिसमें पहला मांग है कि कृषक मित्रों के कार्य को देखते हुए उचित मानदेय का भुगतान किया जाए। कृषि विभाग में तृतीय व चतुर्थ वर्गीय पदों पर कृषक मित्रों की बहाली की जाए। वित्तीय वर्ष 16-17 के फसल बीमा के बकाया का भुगतान किसानों को जल्द से जल्द किया जाए। कृषि विभाग की योजनाओं में कृषक मित्रों की जवाबदेही सुनिश्चित कराया जाए। कृषक मित्रों द्वारा यह भी मांग रखी गई है कि 2016 में बिना कारण कार्य से हटाए गए। सभी कृषक मित्रों की सेवा बहाल की जाए तथा 2017 में फसल बीमा कराने के एवज में कृषक मित्रों के लिए घोषित प्रति फार्म ₹10 बकाया का भुगतान जल्द से जल्द करवाया जाए।

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