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जीवन की उखड़ी पटरियां, आग लगे तेरी बुलेट ट्रेन में

कवि सम्मेलन काव्यांजलि का उद्घाटन पलामू रेंज के डीआईजी विपुल शुक्ला व डॉ. अरुण शुक्ला ने दीप प्रज्वलित कर किया।...

Dainik Bhaskar

Jul 24, 2018, 03:40 AM IST
जीवन की उखड़ी पटरियां, आग लगे तेरी बुलेट ट्रेन में
कवि सम्मेलन काव्यांजलि का उद्घाटन पलामू रेंज के डीआईजी विपुल शुक्ला व डॉ. अरुण शुक्ला ने दीप प्रज्वलित कर किया। सम्मेलन का शुभारंभ राष्ट्रीय कवि प्रियांशु गजेंद्र ने सरस्वती वंदना से की। उन्होंने सुनाया- मेरे जीवन की उखड़ी हुई पटरियां, आग लग जाए तुम्हारी बुलेट ट्रेन में। इसके बाद सुनाया- लक्ष्य हम पर सधे थे, सधे रह गए सधे रह गए, हाथ पहले से बंधे हैं बंधे रह गए बंधे रह गए। लखनऊ से पधारे शिवकुमार व्यास ने वीर रस की कई कविता सुनाई। उन्होंने कहा कि ए दिल्ली वालों, नागफनी की बागों में फूल खिलाना बंद कर दो, आस्तीन के नागों को दूध पिलाना बंद कर दो।

कवि सम्मेलन में बनारस से आई युवा कवयित्री सरस्वती सिंह ने श्रृंगार रस की कविताओं का पाठ कर सबों का दिल जीत लिया। उन्होंने गाया कि जिंदगी को आजमाना चाहिए, हर किसी को आशियाना चाहिए, मैं तो तन्हा रह गई इस भीड़ में, सोचती हूं अब घर बसाना चाहिए। सम्मेलन का संचालन कर रहे मनमोहन तिवारी ने भी एक से बढ़कर एक नज्म श्रोताओं को सुनाया। मौके पर कवि पंकज सिंह ने वीर रस की कविता का पाठ किया। युवा कवि प्रदीप कुमार ने सुनाया कि अब और जीने की तमन्ना खत्म हुई नजर आती है यह जिंदगी भी अब वहम नजर आती है।

पाठ प्रतियोगिता में प्रथम आने वाले यूपी के बजरंगनाथ तिवारी ने सुनाया कि जिसकी ना और हां हर बात में मेरी हां जी और कोई नहीं वो बाबूजी। पलामू के मो इस्तेखार ने सुनाया की दर-बदर मैं चला ही जा रहा हूं, कोई मंजिल मिला ही नहीं, कितने ठोकर पड़े इस राह में कुछ पता चला ही नहीं। तृतीय स्थान पर रहे युवा कवि शेखर पाखी ने सुनाया कि कान्हा की बातों को स्वयं रसखान कहते हैं, जहां श्रीराम को स्वयं रहमान कहते हैं, वह और कोई देश नहीं उसे हिंदुस्तान कहते हैं। कार्यक्रम का संचालन अनुपमा तिवारी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन सुधीर कुमार द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में राष्ट्रीय साहित्य युवा मंच से जुड़े शुभम प्रसाद, अभिषेक सिंह, शांतनु शुक्ला के अलावे इप्टा के उपेंद्र मिश्रा, शैलेंद्र सिंह, अलोक वर्मा, प्रेम प्रकाश, शशि पांडेय, दिनेश शर्मा समेत कई ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई। इससे पहले डीआईजी शुक्ल ने कहा कि पलामू के कला साहित्य के लिए काव्यांजलि मील का पत्थर साबित होगा।

कवि सम्मेलन

कवि सम्मेलन काव्यांजलि में देश भर के कवि हुए शामिल, डीआईजी ने कहा-यह आयोजन मील का पत्थर साबित होगा

कार्यक्रम में कविता सुनाते।

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