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गंभीर मरीजों को भी जमीन पर लिटा किया जा रहा इलाज

लाख कोशिशों के बावजूद भी सदर अस्पताल की व्यवस्था दिन पर दिन खराब होती जा रही है। रविवार को एक दर्जन से ऊपर विभिन्न...

Danik Bhaskar | Aug 06, 2018, 03:40 AM IST
लाख कोशिशों के बावजूद भी सदर अस्पताल की व्यवस्था दिन पर दिन खराब होती जा रही है। रविवार को एक दर्जन से ऊपर विभिन्न वार्डों में मरीजों को जमीन पर लेटा कर इलाज किया जा रहा था। इससे मरीज के परिजन काफी आक्रोशित थे। उन लोगों द्वारा आरोप लगाया गया कि मरीजों को सदर अस्पताल द्वारा बेड नहीं कराया जा रहा है। जिसके कारण मरीजों को जमीन पर रखकर ही इलाज कराया जा रहा है।

पलवा गांव छतरपुर प्रखंड के 70 वर्षीय बृजकिशोर सिंह को जमीन पर लेटा कर इलाज किया जा रहा है। मरीज के परिजनों ने बताया कि हम लोगों को बेड नहीं दिया गया है। जबकि बृजकिशोर सिंह दमा के मरीज है।

सतबरवा के 16 वर्षीय नीतीश कुमार पासवान को उल्टी और पेट दर्द की शिकायत है। उसे भी जमीन पर लिटा कर पानी चढ़ाया जा रहा था। परिजनों ने बताया कि हम लोगों के बेड मांगने पर भी अभी तक नहीं दिया गया है।

सबसे दर्दनाक स्थिति बंदुआ के 25 वर्षीय मैरून बीवी की थी। वह गंभीर रूप से जली हुई अवस्था में रविवार को सुबह उसे भर्ती कराया गया था, परंतु उसे जमीन पर इसी तरह लिटा दिया गया था। उसे कोई देखने वाला भी नहीं था। वह बुरी तरह जल चुकी थी।

मनातू प्रखंड के विश्रामपुर गांव के 22 वर्षीय ममता देवी को तीन दिन पहले लड़का जन्म हुआ है, परंतु उसे जमीन पर तीन दिन से लिटा कर ही इलाज किया जा रहा है। उसे रविवार तक कोई बेड नहीं दिया गया था।

जपला की 20 वर्षीय सोनी खातून पिछले 2 दिन से जमीन पर लेटा कर इलाज किया जा रहा है उसे किसी प्रकार बेड उपलब्ध नहीं है। इसी तरह छतरपुर की 20 वर्षीय आरती देवी को 2 दिन से जमीन पर लिटा कर इलाज किया जा रहा है। उसे 2 दिन पूर्व ही लड़का हुआ है।

उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह प्रशिक्षु आईएएस डॉक्टर ताराचंद द्वारा द्वारा सदर अस्पताल का निरीक्षण किया गया था। उन्होंने सुधार हेतु सदर अस्पताल के सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया था तथा सदर अस्पताल की व्यवस्था से नाराज उपायुक्त अमीत कुमार ने पलामू के सिविल सर्जन का वेतन भी बंद कर दिया था, परंतु फिर भी कोई सुधार फिलहाल नहीं दिख रहा है।