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एके सिंह कॉलेज के अधिकारी-कर्मचारियों पर गबन के मामले में होगी एफआईआर

Medininagar News - लोकायुक्त के आदेश के बाद एसीबी ने एके सिंह कॉलेज के अधिकारी व कर्मचारियों पर लाखों रुपए के गबन के आरोप में...

Dainik Bhaskar

Jul 31, 2018, 03:45 AM IST
एके सिंह कॉलेज के अधिकारी-कर्मचारियों पर गबन के मामले में होगी एफआईआर
लोकायुक्त के आदेश के बाद एसीबी ने एके सिंह कॉलेज के अधिकारी व कर्मचारियों पर लाखों रुपए के गबन के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करा दी है। जानकारी के अनुसार हुसैनाबाद के रामप्रवेश सिंह द्वारा कॉलेज की वित्तीय गड़बड़ी के बारे में लोकायुक्त से 11 सितंबर 2017 को लिखित शिकायत की गई थी। इस संबंध में लोकायुक्त ने जांच के लिए एंटी करप्शन ब्यूरो को पत्र लिखा था। एंटी करप्शन ब्यूरो ने नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय को इस संबंध में जांच का आदेश दिया था। विश्वविद्यालय द्वारा जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई थी। टीम ने जांच कर मामले को सही पाया। इस संबंध में विश्वविद्यालय द्वारा गठित कमेटी ने एसीबी को रिपोर्ट भेज दी है। रिपोर्ट के आधार पर एके सिंह कॉलेज के अधिकारी व कर्मचारियों पर प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है।

50 लोगों को बिना नियम के एक साल से दी जा रही थी सैलरी

एके सिंह कॉलेज हुसैनाबाद।

जांच टीम में शामिल विवि के अधिकारी

जांच टीम में विश्वविद्यालय के फाइनांस ऑफिसर डॉक्टर नकुल प्रसाद, एडवाइजर कैलाश राम तथा जीएलए कॉलेज के भौतिकी विभाग के एचओडी डॉ एसपी सिन्हा शामिल थे।

रिपोर्ट में बताया-4.40 लाख निकाले बिना बताए

जांच टीम द्वारा एके सिंह महाविद्यालय में जाकर 11 जनवरी 2018 को जांच की गई थी। जांच के दौरान पाया गया कि 21 मार्च 2017 को बिना कारण बताए 4 लाख 44 हजार रुपया बैंक से निकाल लिया गया। 2014 में विभिन्न पदों पर महाविद्यालय में नियुक्ति को लेकर जो विज्ञापन निकाला गया था, उसमें आवेदकों द्वारा फॉर्म खरीदने के मद में जो पैसा जमा हुआ, उसका 2 लाख 16 हजार 250 बैंक में जमा नहीं किया गया है तथा जांच टीम ने यह भी पाया कि बिना परचेज कमेटी गठित किए हुए हिमांशु ट्रेडर्स को किताब खरीदने के नाम पर 3 लाख 84 हजार 706 का पेमेंट कर दिया गया है। जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में यह भी क हा है कि बिना अपॉइंटमेंट लेटर इशु किए हुए करीब 50 लोगों को पिछले 1 साल से पेमेंट दिया जा रहा है, जबकि विश्वविद्यालय द्वारा उसे पूर्व में ही रद्द कर दिया गया है। जांच कमेटी ने यह भी आरोप लगाया है कि महाविद्यालय में पिछले 5 साल का कैश बुक मेंटेन नहीं किया गया है। विश्वविद्यालय द्वारा जांच रिपोर्ट भेजने के बाद एसीबी के पुलिस अधीक्षक ने निदेशक उच्च शिक्षा को भेजे पत्र में लिखा है कि राशि का गबन की बात सही पाई गई है, इसलिए इस संबंध में स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई जा सकती है। उसके बाद उच्च शिक्षा निदेशक अबू इमरान द्वारा थाने को प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दे दिया गया था। आदेश देने के बाद एके सिंह कॉलेज के अधिकारी व कर्मचारियों पर प्राथमिकी दर्ज करा कर इसकी जांच शुरू कर दी गई है।

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