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सदर को सुधारा नहीं, सीएस के वेतन निकासी पर अगले आदेश तक रोक

जिले के सिविल सर्जन डॉक्टर कलानंद मिश्र के वेतन पर उपायुक्त अमीत कुमार ने अगले आदेश तक रोक लगा दिया है। जानकारी के...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 02, 2018, 04:00 AM IST

सदर को सुधारा नहीं, सीएस के वेतन निकासी पर अगले आदेश तक रोक
जिले के सिविल सर्जन डॉक्टर कलानंद मिश्र के वेतन पर उपायुक्त अमीत कुमार ने अगले आदेश तक रोक लगा दिया है। जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य सचिव ने सदर अस्पताल के सुधार के संबंध में उपायुक्त को मार्गदर्शन दिया गया था। इस संबंध में उपायुक्त द्वारा पिछले सप्ताह प्रशिक्षु आईएएस डॉक्टर ताराचंद से जांच कराई गई थी। अस्पताल की जांच कर 22 बिंदुओं में पूरी रिपोर्ट दी गई थी। इसमें सीएस को 10 बिंदुओं पर संतोषजनक अनुपालन का आदेश दिया गया। इन बिंदुओं में से किसी पर सीएस ने गंभीरता नहीं दिखाई, यह देखते हुए उपायुक्त ने कार्रवाई की।

किन-किन बिंदुओं पर की गई थी जांच

प्रशिक्षु आईएएस डॉ. ताराचंद ने जांच कई गड़बड़ी पाई थी। यह पाया गया था कि डॉक्टर और दूसरे स्टाफ ड्रेस कोड में नहीं थे। इसके बाद सदर अस्पताल के वार्ड और प्रेमिसेस को स्ट्रिक्टली मॉनिटर करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

जांच में यह भी आदेश दिया गया कि डॉक्टरों की रोस्टर ड्यूटी किसी कंपीटेंट अथॉरिटी के परमिशन के बाद ही चेंज की जानी चाहिए। जांच के दौरान यह भी निर्देश दिया गया कि डायलिसिस सिटी स्कैन मशीन जल्द से जल्द इंस्टॉल करके शुरू की जाए। जांच में यह भी पाया गया कि सेंट्रलाइज्ड ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं है, जिसका व्यवस्था का निर्देश भी दिया गया। सुरक्षा गार्ड के तौर पर फिजिकली फिट स्टाफ को रखने की सलाह दी। पीसीआर वैन को हॉस्पिटल के कार्य के साथ जोड़ा जाए। हॉस्पिटल को मेंटेनेंस अच्छा नहीं रहने के कारण भी हिदायत दी गई, हॉस्पिटल साफ नहीं है। जांच में पाया गया कि अस्पताल के पॉइंट पर बहुत सारी टू व्हीलर गाड़ियां खड़ी थी, जिन्हें सही जगह पर लगाने को कहा गया। डॉ ताराचंद ने जांच में पाया कि सफाई व्यवस्था की काफी कमी है।

सिविल सर्जन कलानंद मिश्र

सदर अस्पताल।

मरीज का चादर नहीं बदला जाता प्रतिदिन

जांच में यह भी पाया कि जहां डॉक्टर बैठते हैं वहां मरीज के अटेंडेंट की भीड़ सबसे ज्यादा थी। साथ ही बेड का चादर प्रतिदिन नहीं बदला जाता है। कमरों की संख्या कम रहने के कारण वार्ड के बाहर खाली स्थानों में बेड लगा दिया गया है। प्रशिक्षु आईएएस डॉ ताराचंद ने पाया कि बाउंड्री वाल भी सही ढंग से नहीं किया गया है तथा खाना बनाने सेट की व्यवस्था नहीं की गई है। जांच में पाया गया कि हॉस्पिटल कैंपस मैं फूड और स्नैक्स की दुकान है।

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