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नियमों की अनदेखी कर दौड़ रही गाड़ियां, किसी को परवाह नहीं

भास्कर न्यूज|मिहिजाम/रूपनारायणपुर/चित्तरंजन यहां सब चलता है, हेलमेट पहनना यहां शान के खिलाफ समझा जाता है, और...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 01:55 PM IST
नियमों की अनदेखी कर दौड़ रही गाड़ियां, किसी को परवाह नहीं
भास्कर न्यूज|मिहिजाम/रूपनारायणपुर/चित्तरंजन

यहां सब चलता है, हेलमेट पहनना यहां शान के खिलाफ समझा जाता है, और जरूरत पड़ी को कई लोग भी सवार हो सकते है। अगर सवारी लादने से मना किया तो वह भी शान के खिलाफ। वजह बताई जाती है अरे कौन पकड़ेगा, कैसे पकड़ लेगा। हम है ना, मेरा गाड़ी पुलिस देखते ही छोड़ देगा। क्योंकि गाड़ी कुछ न कुछ स्टीकर जो लगा है। वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना इतना कठिन काम नहीं है। अपनी जिंदगी की सलामत चाहते हैं तो हेलमेट जरूर पहनें। दूसरों से उधार लेकर हेलमेट न पहनें। समय-समय पर आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा सड़क सुरक्षा सप्ताह तथा यातायात के नियमों का अनुपालन करने के लिए कार्यक्रम चलाकर लोगों को जागरूक करती है बावजूद लोग हैं कि समझते नहीं है और जब कोई बड़ा हादसा हो जाता है तब हेलमेट की महता लोगों को समझ में आती है। इन दिनों सालानपुर-चित्तरंजन क्षेत्र में बिना हेलमेट के दुपहिया वाहनों का परिचालन बेरोकटोक जारी है। पुरूष चालकों के अलावे महिलायें एवं युवतियां भी बिना हेलमेट के दुपहिया वाहनों को हाकने में लगे हैं। जानकारों का कहना है कि कई युवक युवतियां तो इस लिए हेलमेट नहीं पहनती है क्योंकि हेलमेट पहनने से उनके डिजाइन से झाड़े हुए बाल खराब हो जाते हैं भले इसके लिए वे मौत से भी समझौता करने के लिए तैयार हो जाते हैं। सोमवार को एक ऐसा ही दृ”य सामने आया। रूपनारायणपुर एचसीएल रोड पर एक ही स्कूटी पर चार युवतियों को सवार होकर वाहन हांकते देखा गया। इससे लगता है कि दुपहिया वाहनों का परिचालन बिना हेलमेट के करना फिलहाल महंगा साबित नहीं हो रहा है। बताया जाता है कि महिला एवं युवती होने के कारण वाहन चेकिंग में उन्हें थोड़ी बहुत राहत जरूर मिल जाती है अन्यथा इस तरह के दृश्य लोगों को गोचर नहीं होते। हलाकि सालानपुर से आसनसोल आने के क्रम में कई स्थानों पर हेलमेट तथा कागजात के न होने पर पुलिस द्वारा अॉन द स्पॉट फाइन भी किया जा रहा हैै। इस सबंध में मानवाधिकार विजन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ. सिद्धार्थ राय ने बताया कि लोग हेलमेट तभी पहनेंगे जब पुलिसिया चेकिंग नियमित होगी। सिर्फ खानापूर्ति करने अथवा नेता के दबाव में अथवा कुछेक पैसे लेकर वाहन छोड़ देने से नहीं चलेगा। पुलिस के पास उतना मेनपावर भी नहीं है। इस कार्य में सभी संगठनों को एकसाथ आकर जागरूकता फैलाने का काम करना होगा। जो युवक युवतियां हेलमेट नहीं धारण करते हैं ऐसे में स्कूल काॅलेज के छात्र छात्राओं के बीच काउंसिलिंग करने की सख्त आवश्यकता है। अभिभावकों को सख्त होना होगा किसी भी कीमत पर बिना हेलमेट के वाहनों को नहीं निकलने दिया जाए यह जिम्मेदारी परिवार के लोगों को लेनी होगी। युवकों की टीम बनाकर बिना हेलमेट के वाहनों को पकड़ना होगा तथा जागरूकता फैलाने का काम करना होगा।

जामताड़ा में स्कूटी पर सवार चार लोग।

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