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संत शिरोमनी रैदास की जयंती पर दी श्रद्धांजलि

संत रविदास जयंती बुधवार को हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में नगर पंचायत जामताड़ा के...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 02:00 PM IST
संत शिरोमनी रैदास की जयंती पर दी श्रद्धांजलि
संत रविदास जयंती बुधवार को हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में नगर पंचायत जामताड़ा के अध्यक्ष वीरेन्द्र मंडल उपस्थित थे। स्थानीय लोगों ने मंडल को पट्टा देकर सम्मानित किया। नपं अध्यक्ष ने सर्वप्रथम संत रैदास एवं संविधान निर्माता डाॅ. भीमराव अंबेदकर के मूर्ति पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर नमन किया। माल्यार्पन के पश्चात काफी संख्या में लोगों ने मोटरसाईकिल रैली निकालकर पूरे शहर का परिभ्रमण किया। रैली में नगर पंचायत अध्यक्ष वीरेन्द्र मंडल भी शामिल थे। संत रविदास की जयंती के उपलक्ष्य पर मुख्य अतिथि नपं अध्यक्ष वीरेन्द्र मंडल ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा इस वर्ष गुरु रविदास जी की 641वीं जयंती मनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि आदमी अपने कर्म से ही छोटा-बड़ा होता है न कि धन या जाति से। रविदास जी ईश्वर के अनन्य भक्त थे, लेकिन वे अपने कार्य को ही ईश्वर की सबसे बड़ी पूजा मानते थे। उन्होंने कुरीतियों के खिलाफ हमेशा आवाज उठाई थी। मंडल ने देश के युवा पीढ़ी को डाॅ अम्बेदकर एवं संत रविदास जी के बताए गए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। साथ ही साथ मंडल ने कहा कि मन चंगा तो कठौती में गंगा जैसी प्रसिद्ध कहावत को संत शिरोमणि ने समाज के बीच प्रत्यक्ष प्रमाण देकर धर्म ओर भाईचारे का संदेश दिया था। विदित हो कि हिन्दू पंचांग के अनुसार ये माघ माह की पूर्णिमा के दिन गुरु रविदास जयंती मनाई जाती है। विश्व हिन्दू परिषद के सोनु सिंह ने बताया कि लाखों श्रद्धालु आकर रविदास जयंती के पर्व में शामिल होते हैं और अपने गुरु की पूजा करते हैं। इस मौके पर तपन दास, रंजन दास, राजेश कुमार महतो, राकेश पाल, संजय दास, सुमन दास, अपूर्व दास, बाबुजन दास, प्रकाश दुबे, आभा आर्या, सन्टु महतो सहित सैकड़ो की संख्या में लोग उपस्थित थे।

संत रैदास की जयंती प मोटरसाइकिल जुलूस में शामिल युवक।

अभाविप ने पोसोई में मनायी रैदास जयंती

जामताड़ा|अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्यों द्वारा पोसोई गांव में संत रैदास जयंती मनाई गई। मौके पर कार्यकर्ताओं ने संत श्री रविदास पर माल्यार्पण किया एवं संत का जयकारा लगाया। मौके पर अभाविप के विभाग संयोजक अनिकेत शर्मा, जिला संयोजक कुणाल सिंह, सोनू सिंह, सुमन कुमार, नगर मंत्री आकाश साहू, जिला एसआईटी प्रमुख अपूर्व दास, अरब, रितेश दास, रोहित कुमार, मंथन दास, वंश, रोहित कुमार, सचिन दास, अरब दास, नयन दास, चंचल दास, रोहित दास, शंकर दास, साजिद, सचिन, प्रवीण दास आदि थे।

भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा ने मनायी रविदास जयंती

जामताड़ा|भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा द्वारा बुधवार को जिलाध्यक्ष हितेश दास के नेतृत्व में संत रवि दास की 661 वीं जयंती नामुपाड़ा में मनाया गया। मौके पर वार्ड पार्षद सुनिल बाउरी, मिडिया प्रभारी अमित कुमार बाउरी, सपन बाउरी, हारू बाउरी, मानिक बाउरी, उज्जवल पाल, संजय बाउरी, कालीचरण बाउरी, दुलाल मंडल, समीर बाउरी, तपन बाउरी, सुमित शरण सहित अन्य मौजूद थे।

कुरीतियों को तोड़ने का बीज रैतास ने बोया था

जामताड़ा|जामताड़ा सहित संपूर्ण जिले में संत रैदास की जयंती धूमधाम से मनायी गयी। उनकी जीवनी पर प्रकाश डालते हुए राजद के प्रदेश महासचिव दिवाकर यादव ने कहा कि 1377 ई में माघी पूर्णिमा के मौके पर उनका जन्म वाराणसी के काशी में हुआ था। इनके जन्म के समय समाज में जाति पाति और उंच नीच छूत अछूत का भेदभाव चरम सीमा पर था। संत रविदास बड़े होकर इन्हीं कुरीतियों का विरोध करने लगे। दिवाकर ने कहा कि सही मायने में इन कुरीतियों को तोड़ने का बीज इन्हीं के कालखंड में बोया गया था। कहा कि आगे चलकर बहुत सारे महापुरूषों ने संत रविदास के मार्ग पर चलकर इन कुरितियों काे लगभग समाप्त कर दिया। लेकिन आज उनके विरोध करनेवाले विचारधारा के लोग पुन: आने लगे हैं। लाख प्रयास के बावजूद भी हम ऐसे लोगों को मिटा नहीं पा रहे है। कहा कि अगर हम आज संत रविदास, गांधी, जयप्रकाश नारायणपुर, कर्पूरी ठाकुर, बाबा साहेब अंबेदकर एवं वीर कुंवर सिंह के बलिदान को याद करते हुए उनके द्वारा बताए गए रास्ते में अगर हम एक प्रतिशत भी चलते हैं तो हम अपनी समाज को बदल सकते हैं।

राष्ट्रीय जनता दल ने मनायी संत रैदास की जयंती

रैदास की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते लोग।

सिटी रिपोर्टर|जामताड़ा

रष्ट्रीय जनता दल द्वारा बुधवार को जिला कार्यालय पांडेडीह में जिलाध्यक्ष दिनेश यादव के नतृत्व में संत रैदास की जयंती मनाया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर विचार गोष्ठी का आयोजन किया। मौके पर जिलाध्यक्ष दिनेश यादव ने कहा कि दलित समाज में कई महापुरुषों ने जन्म लिया। इसमें संत रविदास का स्थान ऊंचा है। उन्होंने दलित समाज के लिए ही नहीं बल्कि सर्व समाज की भलाई का कार्य किया। उन्होंने मनुष्य को ऊंच नीच भेदभाव जैसी कुुरीतियों का त्याग करके आपस में प्रेम भाव से रहने की शिक्षा दी। उन्होंने कहा कि मन चंगा तो कठौती में गंगा वाली कहावत कहने वाले कबीर के समकालीन संत रविदास का जन्म 31 जनवरी को माघी पूर्णिमा के दिन वाराणसी के सीर गोवर्धन में हुआ था। सीरगोवर्धन में उनके जन्मस्थल पर भव्य मंदिर है। संत रविदास की लोकोक्ति आज भी चरितार्थ है। मौके पर महासचिव दिवाकर यादव, नगर अध्यक्ष अनिक यादव, गोपाल विश्वकर्मा, दिनेश्वर मंडल, निरंजन महतो, उतम सिन्हा, विजय यादव, डाॅ अलताव अंसारी, एनाउल अंसारी, सतपाल यादव सहित कई लोग मौजूद थे।

संत रैदास की 641वीं जयंती पर शाेभा यात्रा

मिहिजाम|माघी पूर्णिमा के अवसर पर बुधवार को संत शिरोमणी संत रैदास की 641वीं जयंती धूमधाम से परंपरागत तरीके से मनाई गई। इस अवसर पर रेलपार गांधीनगर से श्रद्धालुओं ने नगर कीर्तन के साथ शाेभा यात्रा निकाली गई। जिसमें सैंकड़ोंं की संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। रविदास जयंती के बहाने कई राजनीतिक दल के लोग और संभावित प्रत्याशी आगामी नगर परिषद चुनाव को लेकर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकते भी नजर आए। रविदास का जन्म 14वीं शताब्दी में वाराणसी के एक चर्मकार परिवार में हुआ था। रविदास को बौद्ध, सिख, हिंदू धर्म के बाद निर्गुण संप्रदाय के लोगों ने संत माना। रविदास ने ही भक्ति आंदोलन की शुरूआत की। संत रविदास के बारे में बताया जाता रहा है कि उन्होंने अपने रोजगार को कभी व्यापार नहीं समझा बल्कि सेवा की। उनके द्वार पर जो भी जाता उनसे बिना पैसे लिए उनकी सेवा की।

पबिया में याद किए

गए संत रैदास

पबिया|पबिया मंडल अंतर्गत रामपुर में संत गुरु रैदास की जयंती मनाई गई। जिसमें रविदास को श्रद्धा अर्पित कर नमन किया। मुख्य रूप से भाजपा के पबिया मंडल अध्यक्ष बुधराय सोरेन, द्वारिका सिंह, राजेश दत्ता, कार्तिक भंडारी, श्रीदाम मंडल, मुरली सिंह, सत्यनारायण सिंह आदि उपस्थित थे।

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