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पिंजरे में बंद तोता की तरह आत्मा भी मन मंदिर में कैद है

कार्यक्रम में प्रवचन करते महाराज। कथा सुनते आसपास के गांवों से आए लोग। भास्कर न्यूज | खूंटी महर्षि मेंही...

Dainik Bhaskar

Jun 20, 2018, 03:35 AM IST
पिंजरे में बंद तोता की तरह आत्मा भी मन मंदिर में कैद है
कार्यक्रम में प्रवचन करते महाराज। कथा सुनते आसपास के गांवों से आए लोग।

भास्कर न्यूज | खूंटी

महर्षि मेंही आश्रम,शबरी कुटिया शांतिपुरी मुरहू में आयोजित तीन दिवसीय सत्संग महायज्ञ मंगलवार को संपन्न हो गया। समापन के मौके पर ईश स्तुति, गुरु वंदना, ग्रंथ पाठ के बाद कुप्पाघाट भागलपुर के स्वामी प्रमोद जी महाराज ने कहा कि पिंजरे में बंद तोता की तरह आत्मा मन मंदिर में कैद है, जैसे तोता राम-राम कहने के बावजूद भी पिंजरे मे है, पर वही तोते को सदगुरू युक्ति दे देते है, कि पिंजरे में ध्यान से सांस रोक लो,और वह रोक लेता है, तो मालिक मृत समझ बाहर निकाल देता है, और वह आजाद हो जाता है। मानव भी गुरु से युक्ति जानकर अपने जीवन को दुःखों से आजाद कर सकता है।

माता-पिता की डांट भी आशीर्वाद होता है, जैसे भक्त ध्रुव की सौतेली माता ने पिता के गोद में बैठने पर तपस्या कर अपनी कोख से पैदा होने के लिए डांटा। और नारद मुनि से युक्ति लेकर ध्रुव परमात्मा का साक्षात्कार कर धन्य हो गए। उन्‍होंने कहा कि शाकाहारी जीवन जीने के लिए मानव है। निरीह जीवो की हत्या या किसी प्रकार की हिंसा ठीक नहीं। उपस्थित सैकड़ों लोगों ने शाकाहारी व बुराइयों से तौबा करने की शपथ ली। भक्तों की काफी भीड़ थी। अंत में भंडारे का आयोजन किया गया।भक्ति मय वातावरण में संतो की विदाई पर श्रद्धालुओं महिला-पुरुषों की आंखें भर आई। आयोजन को सफल बनाने मे डाॅ. डीएन तिवारी, संजय कुमार, सगुन दास, जूरन पूर्ति, लाला गोप, दुखेंद्र ठाकुर, लोदरो पाहन, जगमोहन पूर्ति, कृष्णा भगत आदि ने सहयोग किया।

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