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स्वास्थ्य केंद्र से डॉक्टर व एनएनम रहती हैं गायब

जिला के स्वास्थ्य उपकेंद्रों की स्थिति आज भी नहीं सुधर पाई है। जिसका खमियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। अधिकांश...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jan 23, 2018, 02:45 AM IST

जिला के स्वास्थ्य उपकेंद्रों की स्थिति आज भी नहीं सुधर पाई है। जिसका खमियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। अधिकांश केंद्रों में डॉक्टर और एएनएम का घोर अभाव है। कई केंद्रों में रात में डॉक्टर व एएनएम नहीं रहती हैं।

एएनएम के केंद्रों में नहीं रहने के कारण लोगों को स्वास्थ्य सेवा का शत प्रतिशत लाभ नहीं मिल पाता है। जिस कारण संस्थागत प्रसव सहित अन्य बीमारियों को बेहतर एवं जल्द ईलाज का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। मुख्य सचिव के निर्देश के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है। उक्त निर्देश के आलोक में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने कहा है कि सभी एएनएम का आवासन केंद्र में कराना सुनिश्चित करें। एएनएम के केंद्रों में आवासन नहीं करने का एक कारण केंद्रों में सुविधाओं का अभाव भी माना जा रहा है।

अधिकांश केंद्र में पानी, बिजली की समस्या है। इसके अलावा कई स्थानों पर विभाग का अपना भवन भी नहीं है। जहां भवन है भी वह काफी जर्जर और जीर्ण अवस्था में है। कमोवेश यही स्थिति जिला के विभिन्न प्रखंड में स्थित पीएचसी, सीएचसी की भी है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जिला अस्पताल सहित जिला में कुल 152 विभिन्न केंद्र हैं जहां स्वास्थ्य सेवा लोगों को उपलब्ध कराया जाता है। जिला में कुल 132 स्वास्थ्य उपकेंद्र है, जबकि 15 पीएचसी, 4 सीएचसी है। प्रखंडवार देखे तो जामताड़ा प्रखंड में 43 स्वास्थ्य उपकेंद्र, 4 पीएचसी, एक सीएचसी है। इसी प्रकार नाला प्रखंड में कुल 38 स्वास्थ्य उपकेंद्र, 5 पीएचसी, एक सीएचसी, कुंडहित प्रखंड में 26 स्वास्थ्य उपकेंद्र, 5 पीएचसी, एक सीएचसी, नारायणपुर में 25 स्वास्थ्य उपकेंद्र, चार पीएचसी तथा एक सीचएसी है।

सिविल सर्जन के निर्देश के बावजूद केंद्र में आवासन नहीं करते डॉक्टर व एएनएम

कहीं पानी तो कहीं बिजली की नहीं है व्यवस्था

जिला के स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर यदि नजर डाले तो 132 स्वास्थ्य केंद्रों में से केवल 69 केंद्र पर पानी की व्यवस्था है शेष केंद्र पर पानी की व्यवस्था नहीं है। 44 केंद्र पर बिजली की व्यवस्था है, 105 केंद्र को अपना भवन है। 24 केंद्र किराए के भवन में संचालित हाे रहा है। किराए के भवन में संचालित स्वास्थ्य केंद्र को अपना भवन मिल सके इसके लिए प्रक्रिया आरंभ कर दिया गया है। जल्द ही सरकारी भवन में इन स्वास्थ्य केंद्र को सिफ्ट किया जाएगा। जामताड़ा प्रखंड में चार पीएचसी है। जिसमें से तीन को अपना भवन है। दक्षिण बहाल केंद्र को अपना भवन नहीं है। चार केंद्र में दक्षिण बहाल, लाधना, करमाटांड़ तथा मिहिजाम है। नारायणपुर में दो केंद्र है। यह केंद्र बगरूडीह तथा पबिया है। नाला प्रखंड में पांच पीएचसी है। यह केंद्र सरसकुंडा, बेदिया, अफजलपुर, बिंदापाथर तथा गेडिया है। बेदिया, अफजलपुर तथा बिंदापाथर पीएचसी को अपना भवन नहीं है। कुंडहित के चार पीएचसी में अंबा और खजुरी को भवन नहीं है, जबकि बागडेहरी और सुद्राक्षीपुर केंद्र को अपना भवन है।

क्या कहते हैं अधिकारी

जिन केंद्रों में सारी सुविधा मौजूद है वहां एएनएम को आवासन हर हाल में करना है। कहा कि संस्थागत प्रसव में किसी प्रकार की कोताही नहीं होना चाहिए। किराए के मकान में चल रहे स्वास्थ्य केंद्रों को जल्द अपना भवन मिलेगा।” डॉ. बीके साहा, सिविल सर्जन, जामताड़ा।

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