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18 हजार मानदेय देने की मांग पर सेविका व सहिया ने किया प्रदर्शन

लंबे समय से कार्यरत आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका एवं स्वास्थ्य सहिया कर्मियों ने अपनी लंबित मांगों के समर्थन में...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jan 18, 2018, 02:50 AM IST

लंबे समय से कार्यरत आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका एवं स्वास्थ्य सहिया कर्मियों ने अपनी लंबित मांगों के समर्थन में बुधवार को प्रखंड सह बाल विकास परियोजना कार्यालय के सामने हड़ताल सह प्रदर्शन किया। न्यूनतम वेतनमान 18 हजार देने, सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने आदि मांग को लेकर हड़ताली कर्मचारियों ने गर्मजोशी के साथ नारे लगाए।

मौके पर वक्ताओं ने कहा कि सरकार द्वारा शिशुओं को वास्तविक छात्र जीवन में प्रवेश कराने तथा उसमे बेहतर संस्कार और शिक्षा ज्ञान भरने के लिए आंगनबाड़ी केंद्र स्थापित किया। लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी सरकार उन कर्मचारियों के प्रति संवेदनशील नहीं है। यही कारण है कि आज की तिथि में कार्यरत कर्मियों को अपने बच्चों की पढ़ाई लिखाई, बीमार सदस्यों का इलाज एवं आवश्यक कार्य के लिए हमेशा ही अक्षम साबित होने लगा है। लंबे समय तक काम में जुड़े रहने के कारण अब दूसरे काम में जाने की उम्र भी नहीं रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार अगर हमारी मांगों के प्रति ध्यान नहीं देती है तो लोकतांत्रिक विधि से हमे सड़क पर उतरना होगा।

इस दौरान उन्होंने कहा कि फुटबेड़िया की सेविका रेखारानी मंडल एवं बालीचुड़ के जिमोली सोरेन के निधन के बाद अबतक उस परिवार के लिए न तो अनुकंपा के तहत नौकरी और न ही कोई सरकारी सुविधा मुहैया कराई गई है। कहा कि हमें इतना कम मानदेय मिलता है कि उसमें परिवार चलाना मुश्किल है। कर्मियों ने जोरदार नारेबाजी भी की। कार्यक्रम के अंत में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के माध्यम से 7 सूत्री मांग पत्र प्रधानमंत्री को सौंपा गया। इस अवसर पर संघ के प्रखंड अध्यक्ष कल्पना दास के अलावा झरना गोराई, माला मंडल, गंगा घोष, बुलबुल गण, मीरा मंडल, मीना मिर्धा, सावित्री मोहली, रीना बाउरी आदि कर्मी काफी संख्या में कर्मी उपस्थित थीं।

मांगों के समर्थन में प्रदर्शनी सेविका, सहायिका व सहिया।

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