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महेशमुंडा-रुनाकुड़ा पुल उपेक्षा का शिकार

नाला विधानसभा क्षेत्र का लाईफ लाईन माने जाने वाला महेशमुंडा-रुनाकुड़ा उच्च स्तरीय पुल उपेक्षा का शिकार है। तीन...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 03:00 AM IST
नाला विधानसभा क्षेत्र का लाईफ लाईन माने जाने वाला महेशमुंडा-रुनाकुड़ा उच्च स्तरीय पुल उपेक्षा का शिकार है। तीन जगहाें पर बड़ी बड़ी दरार अा गया है। जिसे स्थानीय नागरिक एवं राहगिरों ने मिट्टी से ढक दिया इसी काे पार कर उच्च स्तरीय पुल पर यात्री आवागमन कर रहे है। तीन जगह पर बड़े बड़े दरार होने से खतरा बढ गया है। इस पुल होकर रोजाना हजारों लोगो का आना जाना लगा रहता है। कई बार स्थानीय लोगो द्वारा विभिन्न माध्यमों से मरम्मत हेतु विभाग काे अवगत कराने की कोशिश किया गया है। लेकिन विभाग एवं सरकार बेखबर है। नाला विधानसभा सहित दलाही, मसलिया, दुमका, सहित झारखंड के अन्य स्थानों से रोजाना विभिन्न कार्य हेतु जामुड़िया, लालगंज, चित्तरंजन आसनसोल, रानीगंज, दुर्गापुर, धनबाद, बोकारो आदि महत्वपूर्ण स्थानों तक जाने का सुगम एवं सरल मुख्य मार्ग है। इस पुल एवं मार्ग होकर सैकड़ो छोटी बड़ी बाहनों का आना जाना लगा रहता है नेता, मंत्री, अधिकारी भी इस पुल होकर आवाजही करते है। इसके बावजूद भी उच्च स्तरीय पुल पर बड़ी बड़ी दरार पर ध्यान किसी का नहीं पड़ा। स्थानीय लोगों एवं राहगिरों का कहना है कि इन बड़े बड़े दरार पर छोटी बड़ी वाहन को आने जाने में काफी कठनाई हो रही है। जिस कारण लोगो के द्वारा उक्त स्थल पर मिट्टी भर कर दरार को ढक कर आना जाना करते है। लोगो का कहना है कि विभाग एवं सरकार द्वारा सड़क, पुल निर्माण के लिए करोड़ो रुपया पानी की बहा रही है लेकिन महेशमुंडा-रुनाकुड़ा उच्च स्तरीय पुल उपेक्षा का शिकार है। विभाग द्वारा इस ओर ध्यान नहीं देती है तो कभी भी बड़ी दुर्घटना घट सकती है जिसकी सारी जिम्मेदारी विभाग की होगी।लोगों ने अविलंब मरम्मत करने की मांग किया है।