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सरसों, चने की क्रॉप कटिंग में जुटा विभाग

जिले में क्रॉप कटिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है। जिले में आलू का क्रॉप कटिंग कार्य अंतिम चरण में है। जिले के...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 11, 2018, 03:10 AM IST

जिले में क्रॉप कटिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है। जिले में आलू का क्रॉप कटिंग कार्य अंतिम चरण में है। जिले के फतेहपुर प्रखंड में आलू की अच्छी पैदावार होने से किसानों में खुशी देखा जा रहा है। चना और सरसों के क्रॉप कटिंग को जल्द से जल्द पुरा करने मंे विभाग के कर्मी जुट गए है। क्रॉप कटिंग के माध्यम से फसल के उत्पादन का मुल्यांकन कार्य किया जाएगा है। मार्च माह रबी फसल के लिए अंतिम माह है। इसलिए विभाग द्वारा जल्द से जल्द क्रॉप कटिंग का कार्य किया जा रहा है। नाला प्रखंड के वांदरबेरा में गेहूं का फसल का निरीक्षण एटीएम आमीर हेंब्रम ने किया। उन्हांेने फसल देख खुशी जाहिर किया। कहा कि इस वर्ष गेहूं का उत्पादन अच्छा होने की उम्मीद है। यहां विभाग द्वारा गेहूं का बीज किसानों को देकर प्रत्यक्षण कराया गया था। क्रॉप कटिंग कार्य में तेजी लाने का निर्देश जिला कृषि पदाधिकारी ब्रह्मदेव ने सभी बीटीएम/एटीएम को दिया है। उन्होंने कहा कि चना, आलू और सरसो के क्रॉप कटिंग के कार्य में तेजी लाए। नाला प्रखंड क्षेत्र में गेहूं की अच्छी पैदावार होने से आस पास क्षेत्र के अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे है। एटीएम आमीर हेंब्रम ने किसानों को जानकारी देते हुए कहा कि वैज्ञानित तरिके से खेती की जाए तो किसान अच्छी आमदनी कर सकता है। उन्होंने किसानों को बीज लगाने, सिंचाई, फसलों को कीट से बचाने के तरिके, दवा छिड़काव आदि के बारे में जानकारी दिए।

लहलहाती फसल को दिखाते किसान।

किसानाें काे मिली समेकित खेती की जानकारी

नारायणपुर|स्वयं सेवी संस्था ग्राम विकास फाउंडेशन द्वारा ग्लोबल ग्रीन ग्रॉट यूएसएयू के सहयोग से प्रखंड के नावाडीह पंचायत भवन में दो दिवसीय समेकित एवं टिकाऊ खेती प्रणाली पर किसान प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। रांची से आए प्रशिक्षक मो सहबान ने प्रशिक्षण ले रहे ग्रामीणों को जीविका खेती के संबंध में बताया गया कि अगर अपना जमीन को उपजाऊ बनाए रखना चाहते है तो जैविक खाद का उपयोग करना पड़ेगा। जैविक खाद हमारी घरेलू अवषेश पदार्थों से ही बनते है। खाद के बनाने का प्रक्रिया को भी बताया गया। वहीं चित्रकार्ड के द्वारा समकेती कृषि को भी समझाया तथा जैविक खेती करने को विभिन्न तरीको को बताया।इस प्रशिक्षण में ग्राम विकास फाउंडेशन के सचिव सुचिन्द्र भगत, अनुमति हेम्ब्रम, सिराज अंसारी, अशोक मांझी, धनेश्वर महतो, कार्तिक पंडित, लोचन पंडित, श्याम सुंदर पंडित, हूरो पंडित, हरि पंडित, गोविंद पंडित, लक्ष्मी देवी, सरस्वती देवी, उमावती देवी, रूबी देवी, सावित्री देवी, यशोदा देवी, रेणुका सिंह, डोली सिंह, सिक्कम देवी, चांदनी देवी आदि किसान उपस्थित थे।

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