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ओकनी तालाब हुआ जहरीला, मछलियां मरीं

हजारीबाग शहर के बीच स्थित आठ एकड़ में फैला ओकनी तालाब में शनिवार की रात अचानक सारी मछलियां मर गईं। जिसकी कीमत कम से...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 12, 2018, 03:15 AM IST

हजारीबाग शहर के बीच स्थित आठ एकड़ में फैला ओकनी तालाब में शनिवार की रात अचानक सारी मछलियां मर गईं। जिसकी कीमत कम से कम 20 से 25 हजार आंकी जा रही हैं। मुहल्ले के लोगों का कहना है कि इस तालाब का पानी बिलकुल जहरीला हो गया है। इस पानी को मवेशी भी नहीं पीते हैं। पानी फल की खेती के कारण यह तालाब बर्बाद हो गया। क्योंकि किसान पानी फल में लगे कीड़े को मारने के लिए सप्ताह में 10 से 12 हजार लीटर कीटनाशक तेल का छिड़काव करते हैं। जिसके कारण पानी जहरीला हो गया है। यही कारण है कि रात में अचानक सारी मछलियां मर गईं। बताया कि जब भी कीटनाशक तेल का छिड़काव होता है दो से तीन दिनों तक बोरिंग के पानी में भी उस तेल का गंध आ जाता है। मुहल्ला निवासी आदित्य नारायण ने बताया कि रविवार की सुबह लोग तालाब में तैर रहीं मृत मछलियों को देखा। कहा कि इस तालाब में चार बड़े नाला का गंदा पानी जमा होता है लेकिन यहां के पानी का निकासी का रास्ता है बरसात में तो ठीक रहता है लेकिन जैसे जैसे गरमी आने लगता है पानी का गंध आना शुरू हो जाता है। कहा कि हालांकि इस बार इस तालाब में किसी ने मछली नहीं डाला था पिछले साल का ही बीजा से बड़े हुए यह मछलियां हैं। कहा कि इतना बड़ा तालाब बर्बाद हो गया है। अगर इसका एक बार ठीक से जीर्णोद्धार हो जाए तो शहर के लिए एक खूबसूरत स्थल के रूप में बन जाएगा।

आक्सीजन की कमी के कारण मरीं मछलियां

जिला मत्स्य पदाधिकारी शंभु प्रसाद यादव ने कहा कि अक्सर तालाब में अचानक मछलियों के मरने का कारण आक्सीजन की कमी हो जाना होता है। प्रथम दृष्ट्या यह घटना भी आक्सीजन की कमी से ही घटा है। इसमें अगर पूर्व में 20 से 25 किलो तक भी चूना डाला गया होता या पोटाशियम डाला जाता तो शायद मछलियों की मौत नहीं होती। बताया कि अक्सर गरमी के मौसम में आक्सीजन की कमी होती है जब बादल होता है तो तालाब में आक्सीजन और कम हो जाता है। जो मछलियों व जलीय जीव के लिए घातक होता है।

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