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भागवत कथा व बाउल कार्यक्रम में झुमे श्रोता

नाला प्रखंड के मोहजोड़ी-पहाड़गोड़ा स्थित गिरिधारी मंदिर प्रंागण में स्थानीय ग्रामीणों द्वारा आयोजित भागवत कथा...

Danik Bhaskar | Mar 29, 2018, 03:15 AM IST
नाला प्रखंड के मोहजोड़ी-पहाड़गोड़ा स्थित गिरिधारी मंदिर प्रंागण में स्थानीय ग्रामीणों द्वारा आयोजित भागवत कथा को लेकर संपूर्ण क्षेत्र में भक्ति का वातावरण बना हुआ है। शाम ढलते ही दूर दराज क्षेत्र से भक्त वैष्णव महिला पुरूष काफी संख्या में पहुंचते हैं। मंगलवार की रात वेदव्यास रचित श्रीमद् भागवत ग्रंथ में वर्णित भगवान के विभिन्न उपदेश एवं लीलाओं का वर्णन किया गया। पंडित श्रीमद राधा विनोद ठाकुर द्वारा प्रस्तुत प्रवचन से सैकड़ों श्रोताभक्त मंत्रमुग्ध हो गए। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ज्ञान स्वरूप एंव श्रीमति राधाराणी भक्ति स्वरूपा है। ज्ञान और भक्ति का ही संयुक्त रूप है श्रीमद् भागवत। इस कथा का श्रवण सभी मानव को करना चाहिए। इस धरती लोक में आने का उद्देश्य के संबंध में प्रत्येक मनुष्य को चिंतन मनन करना चाहिए। श्री गोस्वामी जी महाराज ने इस भेद को समझाने के लिए कहा पशु भी आहार, निद्रा भय करता है और मनुष्य भी । लेकिन पशु में चितंन क्षमता नहीं रहने के कारण अच्छा एवं बुरा का भाव समझ नहीं पाता है। जबकि मनुष्य में चिंतन मनन क्षमता रहने के बावजूद बुरे कर्म करते है यही दुःख का कारण है। मनुष्य को सदैव प्रत्येक जीव के प्रति दया करूणा प्रदर्शित करना चाहिए। यह तभी संभव हो सकता है जब हम सूविचार सद्वुद्धि, सद विवेक, सत्कर्म एवं सतसंग करेंगे। इससे अपना कल्याण तो होता ही है समाज एंव विश्व का कल्याण होता है। प्रंसग को आगे बढाते हुए गोस्वामी जी ने कहा कि भारतवर्ष के मुनी ऋर्षियों ने सर्वे संतु नीरामया सर्वे सुखिणा भवः के लिए विश्व कल्याण के लिए कार्य किया यही सनातन धर्म की मूल मंत्र है। धर्म की व्याख्या करते हुए कहा कि धर्म का कोई गोष्ठी नहीं होगा यानि उंच नीच, अमीर गरीब, ब्राह्मण क्षत्रिय आदि का भेद नहीं होगा। कलियुग में मनुष्य की अल्पायु में काल के गाल से केवल मात्र भागवती कथा श्रवण कीर्तन से ही संभव है। भगवान प्रेम, भक्ति से ही प्राप्त किया जा सकता है। सभी युगो एवं सभी अवतारों में भगवान भक्त के अधीन है। गोस्वामी जी महाराज ने कहा कि भक्त ध्रुव मात्र पांच साल की उम्र में भगवान को प्राप्त किया था । वह आज भी आकाश मंडल में ध्रुव तारा के रूप में दिशाहीन पथिक को राह दिखाती रही है। कथा के अन्त में आए श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया।

करमोई में तीन दिवसीय हरिनाम कीर्तन आज से

नारायणपुर|प्रखंड के करमोई गांव में 29 मार्च गुरुवार से तीन दिवसीय बंगला हरिनाम संकीर्तन का आयोजन किया जाएगा। यह हरिनाम संकीर्तन गांव स्थित हरि मंदिर गोलघर में आयोजित किया जाएगा। इस दाैरान लगातार तीनों दिन तक कीर्तन गायक इंद्रलाल बाबाजी द्वारा बंगला संकीर्तन प्रस्तुत किया जाएगा। उक्त जानकारी देते हुए गांव के कार्तिक मंडल, महादेव राय, राहुल मंडल, सुनिल कुमार मरांडी, अंगद मंडल एवं अन्य लोगों ने बताया कि इस भक्ति कार्यक्रम के तहत 29 मार्च को पहले दिन कृष्ण का जन्म पल्ला, 30 मार्च को दूसरा दिन निमाय सन्यास एवं 31 मार्च को तीसरे दिन रास पल्ला एवं 1 अप्रैल को कूंज मिलन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के आयोजन को लेकर ग्राम में व्यापक तैयारियां की जा रही है। कार्यक्रम के आयोजन को लेकर ग्राम स्थित हरि मंदिर को काफी आकर्षक रूप से सजाया गया है।

कृष्ण लीला के गुणगान से मुग्ध हुए श्रद्धालु

पबिया|पबिया के दुबे टोला में दूसरे भी हरिनाम संकीर्तन का आनंद उमंग और उत्साहपूर्वक लोगों ने सुना। मंगलवार को गायक कृष्णदास मुखोपाध्याय ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल लीला पर प्रवचन दिया। उन्होंने कहा कि भगवान एक छोटा बालक का रुप धारण कर काली नाग का दमन कर उसे ऋषि मुनियों द्वारा दिए गये श्राप से मुक्ति दिलाया।बांग्ला पाला कीर्तन के माध्यम से भगवान कृष्ण के सभी बाल लीलाओं का वर्णन किया गया। भगवान बालक होते हुए भी कितने असुर राक्षसों का वध कर अपने गोकुल वासियों का रक्षा किया। इस मौके पर ग्रामीण चंचल दुबे, प्राणधन दुबे, अमर दुबे, ताकेश सिंह, फटिक तिवारी, गोतम दुबे, सुनील कुमार दुबे एवं समस्त ग्रामवासियों ने भक्ति कार्यक्रम का आनंद उठाया।

चैती दुर्गा पूजा पर बाउल गान से रात भर झुमे श्रोता

मुरलीपहाड़ी|चैती दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के उपरांत समापन की बेला में प्रखंड के भेलाटांड़ में आयोजित बांग्ला भक्ति संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पश्चिम बंगाल के पुरुलिया के कलाकारों ने एक से बढ़कर एक शानदार बांग्ला भजन तथा बाउल गान से लोगों का मनोरंजन किया। बाउल गान के कलाकार शिव शक्ति बाबुल गान के बैनर तले किया गया था। कार्यक्रम का आरंभ भजन कलाकार रामनाथ कर्मकार द्वारा गणपति बप्पा की वंदना से की गयी। महिला कलाकार अंजना धीवर, सुषमा धीवर ने हिन्दी, बंगला के मिश्रित गीत को लिये दर्शकों का भरपुर मनोरंजन कर देर रात तक बांधे रखा। मेल सिंगर अजय राय द्वारा भक्ति गीत की प्रस्तुति काफी सराहा गया। जिसे सुनकर दर्शक रात भर झूमते रहे। बताते चलें कि भेलाटांड़ स्थित दुर्गा मंदिर का निर्माण वर्ष 2016 में पूर्ण हुआ है।इस स्थान पर वर्ष 2017 से माता दुर्गा की पूजा आरंभ की गयी। मंदिर का निर्माण बोकारो निवासी रामचंद्र मोदक के द्वारा की गया है और इनके ही प्रयास से ही प्रतिवर्ष यहां पर पूजा की जाती है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विकास दास, संजय मोदक, संजय दास सहित अन्य ने सराहनीय भूमिका निभाई।

तीन दिवसीय भक्ति कार्यक्रम का समापन

नारायणपुर|प्रखंड के कमलडीह गांव में दुर्गा मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय भक्ति कार्यक्रम का समापन हो गया। 28 मार्च बुधवार को समापन के दिन भी कई प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर लगातार तीन दिनों तक मंदिर में चंडी पाठ का आयोजन किया गया एवं रात में गिरिडीह जिला के अहिल्यापुर से आए कलाकारों द्वारा भजन प्रस्तुत किया गया। इस कार्यक्रम की सफलता में गांव के वरुण रवानी, अशोक रवानी, विनोद रवानी, नुनुलाल रवानी, रोहित रवानी एवं पवन मंडल आदि का सराहनीय योगदान रहा।