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जनजातीय कॉलेज के कर्मियों ने काला बिल्ला लगा किया प्रदर्शन

जनजातीय संध्या डिग्री कॉलेज के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों ने गुरूवार को काला बिल्ला लगाकर एक दिवसीय...

Danik Bhaskar

Mar 09, 2018, 03:15 AM IST
जनजातीय संध्या डिग्री कॉलेज के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों ने गुरूवार को काला बिल्ला लगाकर एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल किया। कर्मियों ने विगत पांच-छह महीने से मानदेय एवं अनुदान राशि का भुगतान नहीं होने के विरोध में यह सांकेतिक हड़ताल किया। शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों ने बताया कि पांच महीने से उन्हें मानदेय और अनुदान राशि का भुगतान नहीं किया गया है।

जिस कारण उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई है। परिवार भूखमरी के कगार पर आ गए हैं। इसके अलावे पूर्व की साशी निकाय कमेटी को पुन: बहाल करने की मांग की गई। बताया कि सभी एक मत होकर पूर्व सांसद सूरज मंडल का विरोध करते है। इस दौरान शिक्षक संतोषनी सोरेन, शबनम खातुन, किरण वर्णवाल, पूनम कुमारी, सुषमा राय, रेखा कुमारी, राकेश रंजन, शम्भू सिंह, अरविन्द कुमार सिन्हा, सतीश शर्मा, राजकुमार मिस्त्री, बास्कीनाथ प्रसाद, अभिजीत सिंह, सोमेन सरकार सहित सहयोगी छात्र छात्राएं नारायण मिर्धा, ममता कुमारी, प्रीति कुमारी, सुष्मिता मंडल, ज्योति कुमारी, बसंती टुडू आदि मौजूद थी।

विभिन्न मांगों को लेकर काला बिल्ला लगाकर प्रदर्शन करते कॉलेजकर्मी।

मुख्यालय से बाहर इंटर परीक्षा का केंद्र बनाने से आक्रोश

नाला |लगभग एक दशक के बाद जैक द्वारा नाला प्रखंड मुख्यालय में इंटर कक्षा का परीक्षा केंद्र नहीं बनाए जाने से परीक्षार्थी एवं उनके अभिभावकों में गहरा रोष व्याप्त है। इस संबंध में समाज सेवी तापस भट्टाचार्य एवं समर माजि ने कहा है कि इस राज्य में छात्र छात्राओं के साथ क्रुर मजाक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नाला विधानसभा क्षेत्र के सुद्राक्षीपुर, बाग डेहरी, अफजलपुर आदि स्थल से जिला मुख्यालय आने जाने के लिए 70-80 किमी की दूरी तय करना होगा। इतना ही नहीं छात्राओं को जहां साइकिल से ही परीक्षा केंद्र पहुंचने में सुविधा होती थी अब एक अभिभावक के साथ आर्थिक परेशानी को झेलते हुए परीक्षा देने के लिए जाना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रखंड मुख्यालय में पहले भी परीक्षा का आयोजन हुआ है और इस बार भी कदाचार मुक्त मैट्रिक परीक्षा का आयोजन के लिए प्रशासन द्वारा सारी तैयारी की गई तो इंटर की परीक्षा के लिए वैसे परीक्षार्थियों के साथ सौतेला नीति अनुचित है। इस गरीब क्षेत्र के अधिकांश परीक्षार्थी और उनके अभिभावकों में सरकार और प्रशासन के प्रति रोष है।

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