• Home
  • Jharkhand News
  • Nala
  • परंपरागत तरीके से मनी लोहड़ी, गीत पर झूमा सिख समाज
--Advertisement--

परंपरागत तरीके से मनी लोहड़ी, गीत पर झूमा सिख समाज

भास्कर न्यूज|मिहिजाम/चित्तरंजन पंजाब का प्रमुख पर्व लोहरी मकर संक्रांति की पहली रात परंपरागत तरीके से धूमधाम...

Danik Bhaskar | Jan 15, 2018, 03:15 AM IST
भास्कर न्यूज|मिहिजाम/चित्तरंजन

पंजाब का प्रमुख पर्व लोहरी मकर संक्रांति की पहली रात परंपरागत तरीके से धूमधाम से मनाई गई। लोहड़ी के बारे में बताया जाता है कि यह उत्तर भारत का प्रसिद्ध पर्व है। इस दिन परिवार और आस पास के लोग एक साथ मिलकर उपले और लकड़ियों से आग का घेरा बनाकर नाचते-गाते है और रेवड़ी, मूंगफली आदि चखते है। पौराणिक मान्यताओेें के अनुसार दक्ष प्रजापति की पुत्री सति की योगाग्नि दहन की याद में भी इसे मनाया जाता है। लोहड़ी के परंपरागत गीत भी गाए जाते है। इसके पीछे एक मान्यता यह भी है कि लोहरी का जन्म होलिका के बहन के नाम पर हुआ था। अनेक किसान इस दिन से अपने वित्तिय वर्ष की शुरुआत भी करते आ रहे है। लोहरी एक लोकप्रिय पंजाबी लोक महोत्सव है। इसे सर्दियों के जाने और बसंत के आने के संकेत के रूप में भी देखा जाता है। इस दिन किसान मक्का, तिल, गेहूं, सरसों, चना आदि को अग्नि को सर्मिर्पत करते है। शाम को ढोल नगाड़ों के साथ डांस भांगड़ा भी देखने को मिलता है। जिस घर में नई शादी या फिर बच्चे का जन्म होता है वहां खास तौर पर लोहरी मनाई जाती है। क्षेत्र के सिखों आदि ने परंपरागत तरीके से लोहरी का पर्व मनाया।

लोहड़ी पर आग जलाकर पूजा करते श्रद्धालु।

मकर संक्रांति पर मनी अजय नदी पर पिकनिक

मिहिजाम/चित्तरंजन|मकर संक्रांति के आगमन और पौष संक्रांति की विदाई के अवसर पर रविवार को अजय नदी के हनुमान मंदिर पिकनिक स्पाॅट पर सैलानियों का जमावड़ा लगा रहा। इस अवसर पर चित्तरंजन, मिहिजाम, डाबर मोड़, रूपनारायणपुर, सालानुपर आदि जगहों से हजारों सैलानी नदी घाट पर ठंड की खूबसूरत धूप, नदी के रेतीले पानी में मजे, उमंग लेते नजर आए। कई लोग बच्चों के साथ वनभोज में भी सिरकत कर रहे थे। तो कई नदी के पानी में छलांग लगा रहे थे। कई बच्चे यहां पतंग उड़ा कर मौज मस्ती करते भी नजर आए।

हर्षोल्लास के साथ मकर संक्रांति पर्व सम्पन्न

चितरा|चितरा थाना क्षेत्र में धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मकर संक्रान्ति पर्व सम्पन्न हुआ। मकर संक्रान्ति पर्व की शुरूआत अहले सुबह लोग कड़ाके की ठंड की परवाह किये बगैर नदी व तालाबों में स्नान किया। वहीं श्रद्धालुओं विभिन्न मंदिरों में पूजा अर्चना भी किया गया। इसके बाद तील गुड़ एवं चुड़ा गुड़ से निर्मित लड्डू चुड़ा दही के साथ ग्रहण किया गया। वहीं दूसरी ओर इस मकर संक्रान्ति पर्व बच्चों के ही नाम रहा। दिन भर बच्चे अपने-अपने साथियों के साथ खेलकूद व मस्ती करने करते देखे गये। इस अवसर पर चितरा के अलावा भवानीपुर, दमगढ़ा, सहरजोरी, बरमरिया, जमुआ, ताराबाद, ठाढ़ी, ब्रह्मशोली, खून, बरजोरी आदि गांव में धूमधाम के साथ मकर संक्रान्ति पर्व मनाया गया।

धूमधाम से मनाया गया मकर संक्रांति उत्सव: नाला|नाला प्रखंड क्षेत्र में मकर संक्रांति उत्सव काफी धूमधाम के साथ मनाया गया। प्रातःकाल में चारों ओर घने कोहरे छाए रहने के बावजूद क्षेत्र के अजय, कुरुली, शीला नदी के अलावा गांव के तालाब में भी लोगों ने मकर स्नान का रस्म निभाया। बंगाल के कांटोआ नामक स्थान में गंगा नदी के साथ अजय का संगम स्थल है। अजय काे गंगा के रुप में मानते हुए काफी संख्या में मकर स्नान किया।